नीमच। संयुक्त विभाग पेंशनर संघ ने चौथे समयमान वेतनमान की स्वीकृति प्रक्रिया में कथित विसंगतियों को लेकर जिला शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर सभी पात्र शिक्षकों को एक साथ समयमान वेतनमान स्वीकृत करने की मांग की है।
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बालचंद वर्मा ने बताया कि 16 मई 2026 को जारी आदेश में 50 शिक्षकों को चौथा समयमान वेतनमान स्वीकृत किया गया था, लेकिन बाद में कुछ शिक्षकों के दस्तावेजों पर अलग-अलग आपत्तियां लगाई गईं। संघ का कहना है कि यह विभाग की दोहरी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सेवानिवृत्ति के समय सभी सेवा अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच के बाद ही पीपीओ एवं अन्य देयक स्वीकृत किए जाते हैं, ऐसे में बाद में दस्तावेजों में कमियां बताना विभागीय लापरवाही और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
संघ ने सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने और समिति गठन की बात सामने आ रही है, जो विभागीय व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
पेंशनर संघ ने मांग की है कि 1 जुलाई 2023 या उसके बाद 35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सभी पात्र शिक्षकों को शीघ्र चौथा समयमान वेतनमान स्वीकृत किया जाए।