प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ में बुधवार को केमिस्ट और दवा कारोबारियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में अपना व्यापार बंद रखा। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले दवा विक्रेताओं ने मिनी सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और देश के प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
दवा विक्रेताओं की हड़ताल के चलते शहर में कई मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को दवाइयां खरीदने में परेशानी का सामना करना पड़ा। खासतौर पर नियमित दवाइयों पर निर्भर मरीजों को काफी दिक्कत हुई।
ऑनलाइन दवा बिक्री को बताया मरीजों के लिए खतरा
जिला केमिस्ट एसोसिएशन के महासचिव मनोज सांखला ने कहा कि देशभर में दवाइयों की अवैध रूप से ऑनलाइन बिक्री तेजी से बढ़ रही है। इससे न केवल लाइसेंसधारी दवा विक्रेताओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है, बल्कि मरीजों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारी छूट देकर दवाइयों की बिक्री की जा रही है, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के केमिस्ट प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन के जरिए दवाइयां बेचे जाने के मामले भी सामने आ रहे हैं।
राष्ट्रव्यापी बंद के समर्थन में प्रतापगढ़ में प्रदर्शन
केमिस्ट एसोसिएशन के अनुसार छोटे दवा कारोबारियों के संरक्षण और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया गया था। इसी के तहत प्रतापगढ़ के दवा विक्रेताओं ने भी एकजुट होकर अपनी दुकानें बंद रखीं और विरोध प्रदर्शन किया।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ज्ञापन में दवा विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में जिलेभर के कई दवा व्यापारी और मेडिकल स्टोर संचालक शामिल रहे।