मंदसौर। विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था अब दान राशि के रूप में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। मंदिर परिसर में रखी गई 6 दान पेटियों को दो दिन तक खोला गया, जिसमें लाखों रुपए की नकद राशि के साथ विदेशी मुद्रा तथा सोने-चांदी के आभूषण भी प्राप्त हुए।

मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा बुधवार और गुरुवार को दान राशि की गणना पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की गई। बुधवार को हुई गणना में 15 लाख 83 हजार रुपए प्राप्त हुए, जबकि गुरुवार को 6 लाख 48 हजार रुपए की राशि निकली। इस प्रकार दो दिनों में कुल 22 लाख 31 हजार रुपए की नकद राशि दान पेटियों से प्राप्त हुई।

दान पेटियों से नकद राशि के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित सोने-चांदी के आभूषण भी प्राप्त हुए। मंदिर समिति के अनुसार लगभग 20 ग्राम सोने के आभूषण तथा करीब 250 ग्राम चांदी के छोटे आभूषण प्राप्त हुए हैं।

विदेशी मुद्रा भी मिली-
दान पेटियों से विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा भी प्राप्त हुई, जिससे मंदिर की अंतरराष्ट्रीय पहचान का संकेत मिलता है। गणना के दौरान जॉर्डन का 1 दीनार का नोट, 5 पेंस का सिक्का, नेपाल के सिक्के, अरब अमीरात का सिक्का, थाईलैंड का नोट व सिक्का, केन्या का 1 शिलिंग तथा अन्य देशों की मुद्रा भी मिली। मंदिर समिति का कहना है कि विदेशी मुद्रा का मिलना इस बात का प्रमाण है कि बाबा पशुपतिनाथ के प्रति देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी गहरी आस्था है और बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं।

वर्ष 2026 में लगातार बढ़ी दान राशि-
मंदिर में वर्ष 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या और दान राशि में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। अब तक तीन चरणों में दान पेटियों की गणना की जा चुकी है- जनवरी 2026 में 25 लाख 43 हजार 350 रुपए, मार्च 2026 में 24 लाख 27 हजार 670 रुपए तथा मई 2026 में दो दिनों की गणना में 22 लाख 31 हजार रुपए प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार अब तक कुल लगभग 72 लाख 2 हजार 20 रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है।

मंदिर समिति के अनुसार अष्टमुखी प्रतिमा वाले बाबा पशुपतिनाथ मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। लगातार बढ़ती श्रद्धा और दान राशि मंदिर को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है।
