भारतीय किसान संघ, महाकोशल प्रांत की नरसिंहपुर इकाई ने शुक्रवार को उपार्जन में आ रही समस्याओं पर सीएम के नाम ज्ञापन दिया। किसानों ने डिप्टी कलेक्टर देवंती परते रबी उपार्जन में आ रही समस्याओं के बारे में अवगत कराया।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में बताया गया कि मध्य प्रदेश शासन की ओर से संचालित रबी उपार्जन वर्ष 2026 में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण किसानों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उपार्जन केंद्रों पर छांव और पेयजल की कमी
उपार्जन केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं जैसे छांव और पेयजल की कमी है, जिससे किसानों को भारी दिक्कतें हो रही हैं।संघ ने आरोप लगाया कि कई जिलों के कलेक्टर किसान संगठनों से चर्चा करने से भी इनकार कर रहे हैं।
महाकोशल प्रांत के 24 जिलों के लगभग 1,18,400 किसानों के स्लॉट अब तक बुक नहीं हो पाए हैं। इसके अलावा, उपार्जित गेहूं का उठाव न होने से किसानों का भुगतान भी अटका हुआ है।
बारदानों की कमी से समर्थन मूल्य पर संकट गहराया
बारदानों की कमी से स्थिति और बिगड़ गई है। किसानों का कहना है कि जहां उन्हें अपनी उपज बेचने में परेशानी हो रही है, वहीं व्यापारियों का माल आसानी से बिक रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई जिला कलेक्टर किसानों को मंडी में गेहूं बेचने की सलाह दे रहे हैं, जहां समर्थन मूल्य की तुलना में 300 से 400 रुपए प्रति क्विंटल तक कम भाव मिल रहा है।
भारतीय किसान संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में सभी पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग सुनिश्चित करने, सर्वर से संबंधित तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने और उपार्जन केंद्रों पर पर्याप्त बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही है।
किसानों को मजबूरी में मंडी में गेहूं बेचना पड़ रहा
अन्य मांगों में तौले गए अनाज का शीघ्र उठाव कर 100 प्रतिशत भुगतान करना, व्यापारियों की अवैध घुसपैठ रोककर जांच के बाद दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और व्यापारियों पर एफआईआर दर्ज करना शामिल है।
संघ ने यह भी मांग की है कि यदि किसानों को मजबूरी में मंडी में गेहूं बेचना पड़े तो भावांतर भुगतान का शासनादेश जारी किया जाए।इसके अतिरिक्त, आगामी खरीफ फसलों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।