उज्जैन। उन्हेल स्थित राधा कृष्ण स्वर्णकार समाज मंदिर में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर व्यासपीठ से भागवताचार्य बालकृष्ण गणेशदत्त शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण माखन चोरी की लीला करते हैं, लेकिन भगवान चोर नहीं हैं। भगवान श्रीकृष्ण का एक नाम ‘जगदीश’ है। इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि भगवान समस्त जगत के स्वामी और पालनहार हैं। वे उसी घर में माखन खाने जाते हैं, जहां प्रेम और श्रद्धा होती है। जहां प्रेम नहीं होता, वहां विनाश होता है।
भागवताचार्य ने कहा कि आज परिवारों में प्रेम और आपसी सद्भाव कम होता जा रहा है, जिसके कारण परिवार टूट रहे हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को परिवार में प्रेमपूर्वक रहने का संदेश दिया।
कथा के दौरान भगवान को 56 भोग अर्पित कर महाआरती की गई। इस अवसर पर पत्रकार पद्माकर उपाध्याय, निर्मल सोलंकी, लोकेंद्र टेलर, सतीश सोनी, पीयूष जायसवाल, अतुल उपाध्याय, पवन बंबोरिया सहित कई लोगों ने भागवताचार्य का स्वागत एवं सम्मान किया।
पंचम दिवस की कथा के लाभार्थी परिवार किरण सोनी एवं लक्की सोनी रहे। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।