नीमच। नीमच और जावद तहसील के दो गांवों को जोड़ने वाला चढ़ोली (बांछड़ा बस्ती) से सरवानिया महाराज बराड़ा मार्ग आज भी कच्चा और जर्जर हालत में है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के सात दशक बाद भी इस लगभग दो किलोमीटर लंबे मार्ग पर पक्की सड़क नहीं बन पाई है। खासकर बरसात के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ और गड्ढों में बदल जाता है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो जाता है।
ग्राम पंचायत चढ़ोली के सरपंच गोपाल मीणा ने बताया कि कच्चे रास्ते के कारण ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में कठिनाई होती है और पक्की सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। वहीं पूर्व सरपंच अमरसिंह चौहान ने कहा कि सड़क नहीं होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक यंत्री अमित नर्गेस ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से सड़क निर्माण को लेकर ज्ञापन प्राप्त हुआ है और जल्द ही डीपीआर तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।