चित्तौड़गढ़। लघु उद्योग भारती महिला इकाई चित्तौड़गढ़ द्वारा संचालित “प्रयास कौशलशाला” के अंतर्गत महिलाओं एवं छात्राओं के लिए एक विशेष आत्मरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम निर्भया सेना राजस्थान के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें प्रशिक्षक उमाजी चाहर एवं लक्षिताजी माहेश्वरी ने प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यशाला में लगभग 100 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आत्मरक्षा के विभिन्न व्यावहारिक तरीके सिखाए गए तथा आपात परिस्थितियों में साहस, सतर्कता और आत्मविश्वास के साथ स्वयं की सुरक्षा करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि महिलाएं रोजमर्रा की वस्तुओं जैसे चाबियां, दुपट्टा, हेयरपिन, मोबाइल फोन आदि का उपयोग आत्मरक्षा के लिए कर सकती हैं। साथ ही मानसिक संतुलन बनाए रखने, भय पर नियंत्रण और त्वरित प्रतिक्रिया देने के उपाय भी सिखाए गए।
वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में महिलाओं का केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि शारीरिक रूप से भी सशक्त एवं आत्मरक्षा में सक्षम होना आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएं महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम का संचालन महिला इकाई की डिजिटल प्रमुख राशी मुंदड़ा, कोषाध्यक्ष पूर्णिमा पुंगलिया एवं सीमा मेहता द्वारा किया गया। यह संपूर्ण आयोजन अध्यक्षा अंजली शर्मा के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
गौरतलब है कि “प्रयास कौशलशाला” एक माह का कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो 18 मई से 18 जून 2026 तक चल रहा है। इसके अंतर्गत सिलाई, मेहंदी एवं पार्लर ब्यूटीशियन जैसे प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।