छतरपुर। शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्र में जर्जर भवनों को हटाने के लिए चल रही प्रशासनिक कार्रवाई उस समय रुक गई, जब कुछ हिंदूवादी संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध के चलते प्रशासन का बुलडोजर बीच कार्रवाई से ही वापस लौट गया और अभियान अधूरा रह गया।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा चिन्हित 10 जर्जर भवनों को हटाने की कार्रवाई की जानी थी। प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अभियान शुरू किया। हालांकि विरोध के कारण प्रशासन केवल 5 जर्जर भवनों को ही ध्वस्त कर पाया, जबकि शेष भवनों पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी और लोगों की भीड़ बनी रही। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से समझाइश की, लेकिन विरोध जारी रहने पर टीम को वापस लौटना पड़ा।
विरोध कर रहे हिंदूवादी संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना था कि प्रशासन को कार्रवाई में समानता बरतनी चाहिए। उनका आरोप था कि पूर्व में अपराधों से जुड़े मामलों में विशेष समुदाय के लोगों के मकानों पर की गई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे थे। संगठन के पदाधिकारियों ने निष्पक्ष और एक समान कार्रवाई की मांग की।
वहीं प्रशासन का कहना है कि जर्जर भवन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं और उन्हें हटाने की कार्रवाई तकनीकी रिपोर्ट एवं निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर की जा रही है। फिलहाल अधूरी रह गई कार्रवाई को लेकर प्रशासन आगे की रणनीति तैयार कर रहा है।