मंदसौर। शहर में शुक्रवार रात्रि मुहर्रम के अवसर पर पारंपरिक चौकी श्रद्धा, आस्था और अनुशासन के साथ निकाली गई। नयापुरा क्षेत्र से प्रारंभ हुई चौकी में हजारों मुस्लिम समाजजन शामिल हुए और कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन को खिराज-ए-अक़ीदत पेश किए।
चौकी नयापुरा से प्रारंभ होकर नयापुरा रोड, शुक्ला चौक, घंटाघर सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई मंडी गेट पहुंची, जहां रात्रि करीब 12.30 बजे इसका समापन हुआ।
समाजसेवी नाहरू खान मेव के सहयोग से चौकी को विशेष रूप से आकर्षक स्वरूप दिया गया था। इसकी भव्य सजावट और धार्मिक प्रतीकों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। चौकी के दौरान प्रस्तुत की गई कव्वालियों और कलामों ने वातावरण को आध्यात्मिक एवं भावनात्मक बना दिया।
आयोजन के दौरान युवाओं ने पारंपरिक अखाड़ों के माध्यम से हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिन्होंने कलाकारों और युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी.एस. बघेल, सीएसपी जितेंद्र भास्कर, सिटी कोतवाली, वायडी नगर एवं नई आबादी थाना प्रभारियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों और तहसीलदारों ने मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी की।
मुस्लिम समाज की ओर से भी स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी, जिन्होंने आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इसी के साथ इस्लामी नववर्ष का प्रारंभ होता है। मुस्लिम समाज में इसे शोक, त्याग, सब्र और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। यह महीना कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन द्वारा सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए दी गई महान शहादत की याद दिलाता है।