चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ के 21वें कल्याण महाकुंभ के जनजागरण के उद्देश्य से रविवार प्रातः 4 बजे कल्याण नगरी स्थित ठाकुर श्री कल्लाजी मंदिर से भव्य आध्यात्मिक कल्याण महापदयात्रा निकाली जाएगी।
महापदयात्रा जेके चौराहा, लक्ष्मीपुरा मांगरोल, रावलिया, भावलिया, सतखंडा, शंभूपुरा, अरनियापंथ, जालमपुरा एवं ओछड़ी होते हुए चित्तौड़गढ़ नगर में प्रवेश करेगी। यात्रा का प्रथम अल्प प्रवास नेहरू उद्यान में रहेगा, जहां श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा ठाकुर श्री कल्लाजी के रथ की पूजा-अर्चना की जाएगी।
इसके पश्चात कल्याण भक्त, वीर-वीरांगनाएं, मातृशक्ति, रेवारी समाज के सदस्य, बटुक एवं आचार्य बैंड-बाजों तथा मालवी ढोल की धुनों के साथ शोभायात्रा में शामिल होंगे। यात्रा कलेक्ट्रेट चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड, सुभाष चौक, गोल प्याऊ, सदर बाजार, मिठाई बाजार एवं लक्ष्मीनाथ मंदिर मार्ग से होते हुए पाड़न पोल पहुंचेगी।
पाड़न पोल पर दुर्गराज चित्तौड़ के चरणों में वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी तथा मेवाड़ की आन-बान-शान के लिए बलिदान देने वाले वीर-वीरांगनाओं को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद यात्रा दुर्ग पर प्रस्थान कर जयमल-कल्लाजी स्मारक पर दर्शन एवं पूजा-अर्चना करेगी।
स्काउट-गाइड मुख्यालय में भोजन प्रसादी के पश्चात सभी पदयात्रियों को बसों के माध्यम से पुनः कल्याण नगरी के लिए रवाना किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार पदयात्रा मार्ग में विभिन्न गांवों एवं स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा ठाकुर श्री कल्लाजी के रथ की पूजा-अर्चना एवं पदयात्रियों के स्वागत-सत्कार की व्यापक तैयारियां की गई हैं। यह यात्रा कल्याण महाकुंभ के जनजागरण के साथ-साथ धर्म, संस्कृति और मेवाड़ की गौरवशाली परंपराओं के प्रचार-प्रसार का संदेश भी देगी।