चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के निर्देशानुसार विशेष लोक अदालत (एन.आई. एक्ट प्रकरण) का आयोजन किया गया। इस दौरान चेक अनादरण से जुड़े मामलों का आपसी समझाइश के माध्यम से निस्तारण किया गया।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश मानसिंह चूण्डावत के निर्देश पर आयोजित विशेष लोक अदालत के लिए कुल 11 बैंचों का गठन किया गया। प्राधिकरण सचिव योगिता पारीक ने बताया कि एन.आई. एक्ट की धारा 138 से संबंधित लंबित प्रकरणों को चिन्हित कर पक्षकारों के बीच समझौते के प्रयास किए गए।
लोक अदालत में कुल 253 प्रकरणों का निस्तारण आपसी सहमति से किया गया, जिनमें 8 करोड़ 67 लाख 56 हजार 197 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
इस विशेष लोक अदालत के लिए पूरे जिला न्याय क्षेत्र से 1857 प्रकरणों को चिन्हित कर पक्षकारों को नोटिस जारी किए गए थे। सचिव योगिता पारीक ने जिला मुख्यालय पर गठित बैंचों की कार्यवाही का निरीक्षण किया और पक्षकारों से चर्चा की।
उन्होंने लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग करने वाले बैंक कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है।