नीमच। आंखों में बेबसी, हाथों में लाठी, पोते के कंधे का सहारा और उम्र के आखिरी पड़ाव में न्याय की आस... कुछ ऐसे ही दर्द के साथ करीब 80 वर्षीय कमला बाई सोनी मंगलवार को जनसुनवाई में अपनी फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं। अपने ही घर में असुरक्षित महसूस कर रही बुजुर्ग महिला ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई।
कमलाबाई ने कलेक्टर को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि सिंगोली स्थित उनके पैतृक मकान पर कुछ लोगों ने कब्जा करने का प्रयास किया। जब वह अपने घर पहुंचीं तो मकान पर दूसरा ताला लगा मिला। विरोध करने पर उनके साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी देकर घर छोड़ने का दबाव बनाया गया।
उन्होंने बताया कि वह पिछले लगभग 50 वर्षों से उक्त मकान में निवास कर रही हैं। पारिवारिक विवाद के चलते वह अकेले जीवनयापन कर रही हैं और लगातार मिल रही धमकियों के कारण भय के साये में रहने को मजबूर हैं। बुजुर्ग महिला ने आशंका जताई कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है।
कमलाबाई सोनी ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने, उनके मकान की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें निर्भय होकर अपने घर में रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।