उज्जैन। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के नतीजे जारी किए हैं। 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में उज्जैन 16वें स्थान पर रहा। शहर का फाइनल स्कोर 181.5 अंक रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 3 अंक ज्यादा है।
2025 में 13वीं रैंक थी
2025 में उज्जैन इसी कैटेगरी में 13वें स्थान पर था। तब शहर का स्कोर 178.5 अंक रहा था। यानी एक साल में स्कोर में 3 अंक का सुधार हुआ, लेकिन इस बार रैंकिंग 13वें स्थान पर आ गई और शहर टॉप-10 में जगह नहीं बना पाया।
2024 में 26वें स्थान पर था
2024 में उज्जैन की स्थिति इससे कमजोर थी। उस साल शहर 26वें स्थान पर रहा था और उसका स्कोर 158.5 अंक था। इसके बाद 2025 में स्कोर 178.5 अंक पहुंचा और रैंकिंग 13वें स्थान पर आ गई।
2024 से 2025 के बीच उज्जैन के स्कोर में 20 अंक का सुधार हुआ था। 2026 में भी स्कोर बढ़ा है, लेकिन रैंकिंग 16वें स्थान पर रही।
एमपी के तीन शहर टॉप-4 में
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 की रैंकिंग में मध्यप्रदेश के तीन प्रमुख शहर देश की टॉप-4 रैंक में शामिल हैं। इंदौर दूसरे, जबलपुर तीसरे और भोपाल चौथे स्थान पर रहे।
इंदौर और जबलपुर 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में हैं, जबकि भोपाल भी इसी कैटेगरी में शामिल है।
टॉप-10 के लिए प्रदूषण कम करना जरूरी
अब उज्जैन के सामने टॉप-10 में जगह बनाने की चुनौती है। इसके लिए सड़क की धूल, निर्माण कार्यों से उड़ने वाले धूल के कण, वाहनों से निकलने वाला धुआं, खुले में कचरा जलाने और ट्रैफिक के दबाव जैसे प्रदूषण के कारणों पर लगातार काम करना होगा।
शहर में मुख्य सड़कों की नियमित मशीनों से सफाई, निर्माण वाली जगहों पर धूल को नियंत्रित करने, खुले में कचरा जलाने पर रोक, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने और हरियाली बढ़ाने जैसे उपायों पर ध्यान देना होगा।