शिवपुरी। बदरवास तहसील की ग्राम पंचायत इंदार के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सरपंच और सचिव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुटीर और पीएम आवास योजना में नाम जोड़ने के नाम पर 1 हजार से 2 हजार रुपए तक की राशि की मांग की जाती है। इसके साथ ही सरपंच पति और सचिव द्वारा ग्रामीणों के जॉब कार्ड भी अपने पास रखे जाने की शिकायत की गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में मनरेगा के कार्य मशीनों के माध्यम से कराए गए, जिसके चलते पात्र ग्रामीणों को रोजगार का लाभ नहीं मिल सका। वहीं गांव में नियमित सफाई कार्य भी नहीं कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब ग्रामीण इन मामलों को लेकर आवाज उठाते हैं तो उन्हें पीएम आवास की सूची से नाम हटाने की धमकी दी जाती है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।