उज्जैन। 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था जल्द लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल के तहत उज्जैन में बैंक कर्मचारी और अधिकारी सड़कों पर उतरे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर दोपहर करीब 12 बजे कर्मचारी फ्रीगंज चौराहे पर एकत्र हुए। इसके बाद रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और 5-डे वर्किंग की मांग को जल्द लागू करने की आवाज बुलंद की।
यूनियन के सह-संयोजक विपिन सिंह सतोरिया ने बताया कि 8 मार्च 2024 को भारत सरकार और बैंक यूनियनों के बीच 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने को लेकर सहमति बनी थी। इसके बावजूद वित्त मंत्रालय की ओर से अब तक इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जब आरबीआई, एलआईसी और केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकांश कार्यालयों में 5 दिन का कार्य सप्ताह लागू है, तो बैंक कर्मचारियों को इससे अलग क्यों रखा जा रहा है।
यूनियन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मांग की कि 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लेकर जल्द आधिकारिक अधिसूचना जारी कर इसे लागू किया जाए।
297 शाखाओं के 4 हजार से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित
यूनियन के अनुसार उज्जैन में करीब 297 बैंक शाखाओं में 4 हजार से अधिक कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं। हड़ताल के चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कामकाज प्रभावित रहा। शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण लगातार तीन दिनों तक बैंकिंग सेवाओं पर असर रहने की स्थिति बनी है।
मांग नहीं मानी तो आंदोलन होगा तेज
बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग जल्द पूरी नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। यूनियन के अनुसार 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी गई है। इसके बाद भी मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की बात कही गई है।