नीमच। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में 17 सितंबर से शुरू होने वाला स्वामित्व अधिकार, अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन कार्यक्रम-2026 शासन का महत्वपूर्ण अभियान है। कलेक्टर इसकी सतत मॉनिटरिंग करें और यह सुनिश्चित करें कि अभियान के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की त्रुटि न हो। उन्होंने कार्यक्रम में पूर्ण पारदर्शिता एवं शुचिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ अभियान की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि 17 सितंबर से पहले सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं तथा आमजन को अभियान की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने बताया कि अभियान का प्रथम चरण 17, 18 एवं 19 सितंबर तथा द्वितीय चरण 24, 25 एवं 26 सितंबर को आयोजित होगा। आवश्यकता होने पर 1, 2 एवं 3 अक्टूबर 2026 को भी अभियान संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यापक जनहित से जुड़ा अभियान है, इसलिए अधिकारी इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित करें।
सेवा संकल्प अभियान की भी समीक्षा-
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित होने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कलेक्टर्स को अभियान से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जिले एवं प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, सीईओ जिला पंचायत अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश, एसडीएम नीमच पराग जैन, एसडीएम जावद संजीव साहू, एसडीएम मनासा किरण आंजना, डिप्टी कलेक्टर श्रुति भयाड़िया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।