खरगोन। जिले के कसरावद में गौ-सेवा और धर्मांतरण के खिलाफ जनजागरण में सक्रिय संत पं. कमल किशोरी जी नागर को धमकी भरा पत्र मिलने से क्षेत्र में चिंता और आक्रोश फैल गया है। मामले को गंभीर मानते हुए ग्रामीणों ने कसरावद एसडीएम को आवेदन सौंपकर संत और आश्रम की सुरक्षा की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि 4 सितंबर 2026 को श्री गुरु कृपा शबरी गौशाला, भुराड़बारा जिला झाबुआ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रात्रिकालीन भव्य सत्संग आयोजित था। सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा भेंट की गई शॉल, श्रीफल और अन्य सामग्री के बीच एक धमकी भरा पत्र मिला, जिसमें जान से मारने की धमकी दी गई थी।
ग्रामीणों के अनुसार संत कमल किशोरी जी नागर लंबे समय से गौ-तस्करी और धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उनके प्रयासों से कई आदिवासी परिवारों को धर्मांतरण से रोका गया और कुछ की हिंदू धर्म में वापसी भी कराई गई है। इसी सक्रियता के चलते उन्हें निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम के बीच इस तरह का पत्र मिलना बेहद गंभीर है। प्रशासन से मांग की गई है कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और संत जी के साथ-साथ आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए।