मंदसौर। जिले में रविवार के बाद मानसून गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। पिछले पांच दिनों से बारिश नहीं हुई है और तेज धूप के कारण गर्मी व उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 13 सितंबर को मध्यम तथा 14 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। 15 और 16 सितंबर को भी बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है।
11 सितंबर तक जिले में इस मानसून सीजन में 652.9 मिमी (25.70 इंच) बारिश दर्ज हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 918.6 मिमी (32.88 इंच) बारिश हुई थी। यानी इस बार करीब 7.18 इंच कम बारिश हुई है। जिले की सामान्य औसत बारिश 826.5 मिमी है।
धुंधड़का में सबसे ज्यादा बारिश-
11 सितंबर को जिले के किसी भी वर्षामापी केंद्र पर बारिश दर्ज नहीं हुई। सीजन में अब तक सबसे ज्यादा 771 मिमी बारिश धुंधड़का में हुई है। गरोठ में 747.4, भानपुरा में 708.8, शामगढ़ में 706.4, सुवासरा में 673.5, मल्हारगढ़ में 664, मंदसौर में 655 और सीतामऊ में 625.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
गांधीसागर का जलस्तर 8.67 फीट कम-
11 सितंबर को गांधीसागर बांध का जलस्तर 1300.80 फीट रहा, जबकि पिछले साल इसी तारीख को 1309.47 फीट था। इस तरह जलस्तर पिछले साल की तुलना में 8.67 फीट कम है।
सोयाबीन में नमी घटने लगी-
बारिश का अंतराल बढ़ने और तेज धूप से खेतों की ऊपरी सतह की नमी कम होने लगी है। इसका असर सोयाबीन सहित खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। फूल और फलियां बनने की अवस्था में पानी की कमी से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है। हालांकि कृषि विशेषज्ञों के अनुसार तीन-चार दिन के बारिश ब्रेक से बड़े नुकसान की स्थिति नहीं है, लेकिन अंतराल बढ़ने पर खेतों में नमी महत्वपूर्ण होगी।
बदलते मौसम में वायरल संक्रमण बढ़ा-
जिला अस्पताल के डॉ. अरिहंत जैन के अनुसार मौसम परिवर्तन के साथ सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल फीवर, गले के संक्रमण, दस्त और पेट दर्द के मरीज सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों ने साफ पानी पीने, ताजा भोजन करने, मच्छरों से बचाव और पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। दो-तीन दिन तक बुखार रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।