नीमच। जिस नगरपालिका पर पूरे शहर को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी है, उसी नगरपालिका के कार्यालय परिसर की सामने आई तस्वीरों ने सफाई व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिम्मेदार अधिकारी शहर में बेहतर सफाई व्यवस्था के दावे कर रहे हैं, लेकिन कार्यालय परिसर में नजर आ रही गंदगी और अव्यवस्था इन दावों की जमीनी हकीकत पर बहस छेड़ रही है।
मौके की स्थिति को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब नगरपालिका अपने ही कार्यालय परिसर की व्यवस्थाओं को पूरी तरह व्यवस्थित रखने में पीछे नजर आ रही है, तो शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों पर आमजन कितना भरोसा करे। कार्यालय परिसर की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी सामने आई है।
हमारे चीफ रिपोर्टर मुश्ताक अली शाह ने मौके का जायजा लिया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा की। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नगरपालिका अधिकारियों को केवल सफाई अभियान चलाने और उसका प्रचार करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शहर के साथ-साथ स्वयं नगरपालिका परिसर की व्यवस्थाओं की भी नियमित निगरानी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने एसी केबिन से बाहर निकलकर जमीनी स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए। जहां गंदगी या अव्यवस्था दिखाई दे, वहां तत्काल सफाई और आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जानी चाहिए।
मामले को लेकर नगरपालिका अधिकारी दुर्गा बामनिया से भी चर्चा की गई। उन्होंने कैमरे के सामने नगरपालिका परिसर में दिखाई दे रही अव्यवस्था को लेकर अपना पक्ष रखा।
अब सवाल यह है कि नगरपालिका परिसर की इस स्थिति को लेकर जिम्मेदार अधिकारी कितनी गंभीरता दिखाते हैं और व्यवस्थाओं में सुधार कब तक नजर आता है। शहरवासियों की नजर भी इस बात पर रहेगी कि सफाई व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों के बीच नगरपालिका अपने ही कार्यालय परिसर की स्थिति को कितनी गंभीरता से लेती है।
सिर्फ अभियान और दावों से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था में कितना बदलाव आता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।