BREAKING NEWS
BIG NEWS : सीएम डॉ. मोहन यादव का नीमच दौरा, विशेष.. <<     KHABAR : मुरैना में कांग्रेस पर गरजे सिंधिया, बोले-.. <<     KHABAR : रेल लाइन के लिए 56 घरों से अतिक्रमण हटाना.. <<     KHABAR : कृषि उपज मंडी में कपास के कम दामों पर भड़के.. <<     KHABAR : माता-पिता की अनदेखी पर आयोग अध्यक्ष.. <<     KHABAR : श्रीचंद्र भगवान का 532वां प्राकट्य दिवस.. <<     BIG REPORT : नीमच में खेल मैदान को लेकर फिर बढ़ी हलचल,.. <<     KHABAR : दादा धूनी दरबार में डेढ़ किलो सोना दान, 51.. <<     BIG NEWS : मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक.. <<     KHABAR : अदना सा अधिकारी खुद को सिंघम समझ रहा है,.. <<     BIG NEWS : सीएम डॉ. मोहन यादव का नीमच दौरा, अग्रोहा.. <<     KHABAR : कुकड़ेश्वर में ब्लॉक कांग्रेस ने किया.. <<     KHABAR : सांगा खेड़ा माताजी में गुर्जर समाज की.. <<     BIG NEWS : हत्या के बाद से फरार था 5 हजार का इनामी,.. <<     BIG NEWS : सीएम डॉ. मोहन यादव का नीमच दौरा, हैलीपेड.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 20, 2026, 4:28 pm
KHABAR : श्रीचंद्र भगवान का 532वां प्राकट्य दिवस मनाया, उज्जैन में शिप्रा तट पर हवन-पूजन, बड़ा उदासीन अखाड़े में अभिषेक, संतों ने लिया आशीर्वाद, पढे़ खबर 

Share On:-

उज्जैन। शिप्रा तट पर रविवार को उदासीनाचार्य जगद्गुरु श्रीचंद्र भगवान का 532वां प्राकट्य दिवस श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मुख्य आयोजन श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन (निर्वाण) में हुआ। पूज्यपाद अद्वैत श्री सतू पंच परमेश्वर के सानिध्य में सुबह से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए, जिसमें साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।


हवन, पादुका पूजन और अभिषेक हुआ
सुबह 8 बजे से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन, पादुका पूजन और भगवान श्रीचंद्र का अभिषेक-पूजन कराया गया। साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने अनुष्ठानों में शामिल होकर भगवान श्रीचंद्र का आशीर्वाद लिया।


अखाड़े के श्री सत्यानंद जी महाराज ने बताया कि पूजन के बाद दोपहर 12 बजे से संतों, महंतों और साधु समाज के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। इसके बाद भक्तों और आमंत्रित अतिथियों के लिए महाप्रसादी की व्यवस्था की गई। इसमें कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।


गुरु नानकदेव और माता सुलक्षणा के पुत्र माने जाते हैं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उदासीनाचार्य जगद्गुरु श्रीचंद्र भगवान का जन्म भाद्रपद शुक्ल नवमी, विक्रम संवत 1551 (1494 ईस्वी) में हुआ था। उन्हें सिख धर्म के प्रथम गुरु गुरु नानकदेव और माता सुलक्षणा का पुत्र माना जाता है। उन्होंने कम उम्र में ही वेदों और शास्त्रों का अध्ययन कर ज्ञान प्राप्त किया था।


भक्ति, ज्ञान और कर्म के समन्वय का संदेश
श्रीचंद्र भगवान ने पंचदेव उपासना के साथ भक्ति, ज्ञान और कर्म के समन्वय का संदेश दिया। उन्होंने अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के बीच सामंजस्य, सौहार्द और सांस्कृतिक एकता के लिए भी काम किया। उदासीन संप्रदाय में उनके दर्शन, जीवन और शिक्षाओं का विशेष महत्व माना जाता है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE