नीमच। महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से जागरूक करने और समाज में नशामुक्त वातावरण के निर्माण के उद्देश्य से 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक ‘मद्य निषेध सप्ताह’ मनाया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
जिला पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल के मार्गदर्शन में नीमच पुलिस द्वारा भी मद्य निषेध सप्ताह के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के प्रथम दिन 2 अक्टूबर को पुलिस कंट्रोल रूम नीमच से नशामुक्ति जनजागरूकता रैली निकाली गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।
रैली पुलिस कंट्रोल रूम से प्रारंभ होकर फव्वारा चौक, बारादरी, घंटाघर, जाजू बिल्डिंग और पुस्तक बाजार होते हुए भारत माता चौराहे पर पहुंचकर समाप्त हुई। रैली के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशे से दूरी बनाए रखने तथा स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।
रैली में रक्षित निरीक्षक अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक सुरेश सिसोदिया, नीमच कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ शर्मा, बघाना थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पा सिंह चौहान, यातायात थाना प्रभारी रक्षित निरीक्षक मलखान सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं जवान शामिल हुए।
सप्ताहभर होंगी विभिन्न जागरूकता गतिविधियां-
मद्य निषेध सप्ताह के दौरान विद्यालयों में प्रतियोगिताएं, प्रश्नमंच एवं संगोष्ठियां, ग्राम सभाओं में नशामुक्ति संबंधी गतिविधियां, नशाविरोधी पंपलेट का वितरण, जनजागरूकता रैलियां, जागरूकता कार्यक्रम तथा नशा नहीं करने की शपथ और ई-प्लेज जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
पुलिस ने की आमजन से अपील-
नीमच पुलिस ने आमजन, अभिभावकों, शिक्षकों और विशेष रूप से युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि बच्चों एवं युवाओं के व्यवहार में नशे से संबंधित बदलाव दिखाई देने पर परिवारजन संवेदनशीलता के साथ उनसे संवाद करें और आवश्यकता होने पर उचित सहायता एवं उपचार की दिशा में पहल करें।
पुलिस ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल पुलिस या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, विद्यालय, समाज, युवा और प्रशासन की सामूहिक सहभागिता से ही इस दिशा में प्रभावी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।