नीमच। शहर के बीचों-बीच स्थित करीब 4.32 लाख वर्गफीट बेशकीमती सरकारी जमीन को लेकर शनिवार सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमला जीवाजी राव छात्रावास परिसर, सिंधी कॉलोनी-ग्वालटोली रोड पहुंचा और जमीन का कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई को लेकर सुबह से ही मौके पर हलचल रही। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की कार्रवाई जारी थी।
सुबह करीब 8 बजे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल का काफिला छात्रावास परिसर पहुंचा। मौके पर एडीएम कनेश, एसडीएम पराग जैन, नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। कार्रवाई के लिए जेसीबी सहित अन्य संसाधन भी मौके पर बुलाए गए।
बताया गया कि कार्रवाई की तैयारी शुक्रवार शाम को ही शुरू कर दी गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में पूरी रणनीति तय की गई। इसके बाद शनिवार सुबह पुलिस बल को कैंट थाने पर एकत्रित किया गया और अधिकारियों की मौजूदगी में प्रशासनिक अमला छात्रावास परिसर के लिए रवाना हुआ।
4.32 लाख वर्गफीट जमीन को लेकर विवाद-
सिंधी कॉलोनी-ग्वालटोली रोड स्थित उक्त भूमि का क्षेत्रफल करीब 4 लाख 32 हजार वर्गफीट बताया गया है। यह जमीन कालीदास शिक्षा समिति के पास थी। नगर पालिका की ओर से पूर्व में समिति को जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। इसके खिलाफ समिति ने न्यायालय में स्थगन की मांग की थी।
मामले में नगर पालिका की ओर से अपील की गई। 24 सितंबर को अपील न्यायालय ने नगर पालिका की अपील स्वीकार करते हुए समिति के पक्ष में जारी अस्थायी निषेधाज्ञा को अमान्य कर दिया। आदेश में यह भी कहा गया कि जमीन समिति को छात्रावास के उपयोग के लिए दी गई थी, लेकिन इसका उपयोग अन्य कार्यों में किया गया।
समिति ने हाईकोर्ट जाने की कही बात-
वहीं, कालीदास शिक्षा समिति का कहना है कि वह 70 वर्षों से अधिक समय से जमीन पर काबिज है और अपील न्यायालय का फैसला अंतिम नहीं है। समिति की ओर से इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की बात कही गई है।
इधर, प्रशासन ने न्यायालय के हालिया आदेश और जमीन के उपयोग में बदलाव को आधार बनाते हुए शनिवार को कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू की। परिसर का क्षेत्रफल बड़ा होने के कारण कार्रवाई में समय लगने की संभावना है। मौके पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार मौजूद रहे।