धार। नालछा विकासखंड के ग्राम ज्ञानपुरा में ‘एस्ट्रो विलेज’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। मध्यप्रदेश पर्यटन के तत्वावधान में गांव में 1 अक्टूबर से विशेष एस्ट्रोनॉमी ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। दो माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में ग्रामीणों और युवाओं को खगोल विज्ञान की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंकुर हॉबी सेंटर के मुख्य प्रशिक्षक रहीम शेख ने खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अपने 10 वर्षों के अनुभव को साझा किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को टेलीस्कोप की तकनीकी जानकारी देते हुए उसे स्थापित करने, संचालित करने और आकाशीय पिंडों के अवलोकन की विधियों से परिचित कराया।
प्रशिक्षण के दौरान एस्ट्रोफोटोग्राफी के तहत कैमरे की मदद से रात्रि आकाश और विभिन्न आकाशीय पिंडों की तस्वीरें लेने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं आकाश दर्शन के दौरान प्रतिभागियों को ग्रहों, नक्षत्रों, तारों और विभिन्न तारामंडलीय आकृतियों (कॉन्स्टिलेशन) की पहचान कराई जाएगी। इनके पीछे की वैज्ञानिक जानकारी को पारंपरिक कथाओं के माध्यम से भी समझाया जाएगा।
कार्यक्रम में ग्रामीणों और युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षण से जुड़ने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने बताया कि एस्ट्रो विलेज पहल से स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होम-स्टे, स्थानीय सेवाओं और अन्य पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिल सकता है।
इस पहल के माध्यम से ग्राम ज्ञानपुरा को एस्ट्रो-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। इससे धार जिले को खगोल पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
कार्यक्रम में कार्ड संस्था के कमल देवड़ा ने ग्रामीणों को इस पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। ग्राम ज्ञानपुरा के सरपंच ने बताया कि धार जिले में इस प्रकार की एस्ट्रोनॉमी ट्रेनिंग पहली बार आयोजित की जा रही है। प्राथमिक शाला के शिक्षक रामसिंह ने बच्चों को प्रशिक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इस तरह का अवसर हर जगह उपलब्ध नहीं होता। उन्होंने स्वयं भी प्रशिक्षण में शामिल होकर खगोल विज्ञान सीखने और आगे बच्चों तक इसका ज्ञान पहुंचाने की बात कही।