झाबुआ। जिले से गुजरने वाले 8-लेन एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी की घटनाओं की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण को लेकर कुकड़ीपाड़ा रेस्ट एरिया में बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट और पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने एक्सप्रेस-वे से लगे 21 गांवों के फ्रंटलाइन वर्कर्स, तड़वी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों से संवाद किया। इस दौरान क्षेत्र की समस्याओं और पत्थरबाजी की घटनाओं के कारणों पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने कहा कि जिले से गुजरने वाला करीब 50 किलोमीटर लंबा 8-लेन एक्सप्रेस-वे महत्वपूर्ण मार्ग है। इस पर पत्थरबाजी जैसी घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के साथ जिले की छवि को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने ग्रामीणों को एक्सप्रेस-वे के नियमों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस-प्रशासन को देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में सरपंच, तड़वी, शिक्षक, फ्रंटलाइन वर्कर्स और शासकीय कर्मचारियों को शामिल कर दल गठित किए जाएं। शाला से बाहर बच्चों की सूची तैयार कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने की कार्रवाई की जाए। साथ ही स्थानीय समस्याओं के निराकरण और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।
एसपी देवेंद्र पाटीदार ने कहा कि तेज गति से चलने वाले वाहनों के कारण एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी की छोटी घटना भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि इसकी रोकथाम सामूहिक जिम्मेदारी है। ग्रामीणों से मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की।
एसपी ने बताया कि एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा के लिए कुकड़ीपाड़ा में पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किया गया है और नियमित पेट्रोलिंग की जा रही है। गठित दल अगले तीन माह तक सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। बेहतर समन्वय और जागरूकता के माध्यम से घटनाओं की रोकथाम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दलों और सदस्यों को पुलिस विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में एक्सप्रेस-वे के प्रोजेक्ट हेड, जिला पंचायत सीईओ जितेंद्र सिंह चौहान, एसडीएम थांदला भास्कर गाचले सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।