नीमच। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत शनिवार को नगर परिषद जीरन में आयोजित शिविर में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जिले में गांवों के नक्शों के सुधार एवं डिजिटलीकरण की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीरन गांव के नक्शों का प्रमाणीकरण किया जा चुका है और शीघ्र ही उनका डिजिटलीकरण पूरा किया जाएगा।
कलेक्टर ने बताया कि पिछले दो वर्षों से जिले के गलत, अपूर्ण अथवा अनुपलब्ध नक्शों में सुधार का कार्य किया जा रहा है। जिले के 809 गांवों में से 113 गांवों के नक्शे गलत या अधूरे पाए गए थे। इनमें कनावटी, जावद और जीरन सहित अन्य गांव शामिल हैं, जहां कुछ स्थानों पर नक्शे उपलब्ध नहीं थे।
लगातार प्रयासों के बाद 74 गांवों के नक्शों में सुधार पूरा हो चुका है, जबकि 29 गांवों में कार्य जारी है। रामपुरा, मनासा, सिंगोली और जीरन तहसील के इन गांवों में नक्शा सुधार का कार्य प्रगति पर है। इनमें से 12 गांवों का गजट नोटिफिकेशन भी पूरा हो चुका है। नक्शा शोध के दौरान जावद और जीरन के पुराने नक्शे भी प्राप्त किए गए हैं।
भूमि अभिलेख होंगे अधिक स्पष्ट और पारदर्शी-
नक्शों के सुधार एवं डिजिटलीकरण से भूमि की सीमाओं और स्थिति संबंधी अभिलेख अधिक स्पष्ट होंगे। इससे सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा सहित राजस्व कार्यों में सुविधा मिलेगी और भूमि संबंधी विवादों के निराकरण में भी मदद मिलेगी। डिजिटल नक्शे उपलब्ध होने से ग्रामीणों और राजस्व अधिकारियों को भूमि संबंधी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
अद्यतन नक्शे भूमि अधिकारों से जुड़े अभिलेखों को अधिक विश्वसनीय बनाने के साथ विकास कार्यों की बेहतर योजना और राजस्व प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने में भी उपयोगी होंगे।