शहडोल। कभी संसाधनों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी बदहाली के लिए चर्चा में रहने वाला शहडोल जिले का बुढ़ार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अब नई पहचान बना रहा है। जिस अस्पताल में गंभीर मामलों के मरीजों को दूसरे बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब ओटी सुविधा शुरू होने के बाद सफल ऑपरेशन किए जा रहे हैं। हाल ही में यहां पहली बार सफल सीजर ऑपरेशन के बाद एक स्वस्थ बच्ची ने जन्म लिया, जिसे स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
जिले के बुढ़ार सीएचसी सिर्फ बुढ़ार कस्बे तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों से गर्भवती महिलाएं प्रसव और इलाज के लिए पहुंचती हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर सीजर जैसी सुविधा शुरू होना इन परिवारों के लिए बड़ी राहत है। ग्राम सारंगपुर निवासी मुस्कान कछवाहा का सीजर ऑपरेशन चिकित्सकीय टीम ने सफलतापूर्वक किया। ऑपरेशन के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए। इस सफल शुरुआत के साथ बुढ़ार सीएचसी में लंबे समय से प्रतीक्षित सीजर सुविधा का रास्ता भी खुल गया है।
इस सफलता के पीछे स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. हर्षिता शर्मा, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. शैली जैन, बीएमओ डॉ. सचिन कारखुर, स्टाफ नर्स दीपिका गाडिया समेत चिकित्सकीय टीम की भूमिका रही। स्थानीय स्तर पर प्रसूता और उसके परिवार को बुढ़ार में ही सीजर कराने के लिए प्रेरित करने में आशा कार्यकर्ता सविता माझी का भी योगदान बताया गया है।
पहली सफल सर्जरी के बाद उम्मीद जगी है कि अब प्रसव संबंधी गंभीर मामलों में ग्रामीण परिवारों को हर बार बड़े अस्पतालों की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर ओटी और सीजर सुविधा उपलब्ध होने से समय, पैसा और मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने का जोखिम कम हो सकता है। यह शुरुआत बुढ़ार सीएचसी के लिए सिर्फ एक ऑपरेशन की सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में भरोसा लौटने की शुरुआत भी मानी जा रही है।