नीमच। प्रांतीय आह्वान पर अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले जिलेभर के अध्यापक एवं शिक्षिकाएं नीमच शहर की गांधी वाटिका में एकत्रित हुए। दोपहर 11 बजे से 1 बजे तक चले धरना-प्रदर्शन में शिक्षकों ने अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
शिक्षकों की पहली मांग पहले से सेवा में कार्यरत अध्यापकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त करने की है। शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा की शर्त लागू किया जाना उनके लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
वहीं, दूसरी प्रमुख मांग प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता निर्धारित करने की है। शिक्षकों ने मांग की कि उनकी सेवा की गणना पहली नियुक्ति की तारीख से की जाए और इसी आधार पर वरिष्ठता सहित सभी संबंधित सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान शिक्षक नेताओं ने कहा कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में योगदान दे रहे अध्यापकों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।