मंदसौर। राष्ट्रसेवा, देशभक्ति और वीर सैनिकों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सैनिक सम्मान अभियान के अंतर्गत रविवार को भारत माता चौराहा पर 803वां सैनिक सम्मान आयोजित किया गया। इस अवसर पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सेवानिवृत्त सैनिक अनिल कुमार आर्य का नागरिक अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। इसके बाद विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सेवा संगठनों के पदाधिकारियों तथा नागरिकों ने अनिल कुमार आर्य का शाल, श्रीफल एवं साफा पहनाकर सम्मान किया।
अनिल कुमार आर्य ने अपने जीवन के 23 वर्ष मातृभूमि की रक्षा एवं राष्ट्रसेवा को समर्पित किए। सेवानिवृत्ति के बाद मंदसौर आगमन पर हुए नागरिक अभिनंदन को उपस्थितजनों ने गौरव का अवसर बताया।
सैनिक सम्मान की परंपरा 803वें पड़ाव तक पहुंची-
सैनिक सम्मान अभियान के संयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता विनय दुबेला ने कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए अभियान के उद्देश्य और अब तक की यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंदसौर में सैनिक सम्मान की परंपरा एक सैनिक के सम्मान से शुरू हुई थी, जो अब 803वें सम्मान तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने कहा कि सैनिक सम्मान केवल किसी एक सैनिक का सम्मान नहीं, बल्कि भारतीय सेना एवं सशस्त्र बलों के उन सभी जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया है।
दुबेला ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को सैनिकों के त्याग, अनुशासन, शौर्य, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रसेवा से जोड़ना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, व्यापारिक एवं सेवा संगठनों सहित सर्व समाज से सैनिक सम्मान अभियान को और व्यापक बनाने का आह्वान किया।
अतिथियों ने सैनिक के त्याग को किया नमन-
कार्यक्रम में कैप्टन सुरेश सिंह परमार ने अनिल कुमार आर्य को राष्ट्रसेवा के लिए बधाई देते हुए कहा कि सैनिक का जीवन त्याग, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। सेवानिवृत्ति के बाद भी सैनिक के प्रति समाज का सम्मान बना रहता है।
जिला धार्मिक उत्सव समिति के अध्यक्ष वर्दीचंद कुमावत ने कहा कि सैनिकों का सम्मान समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं अजीजुल्लाह खान ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष समर्पित करने वाले सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, मंदसौर के जिलाध्यक्ष मुकेश गुर्जर ने पूर्व सैनिकों के त्याग एवं समर्पण को नमन करते हुए सैनिक सम्मान अभियान की निरंतरता की सराहना की और इसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं नागरिक रहे मौजूद-
कार्यक्रम में कैप्टन सुरेश सिंह परमार, मुकेश गुर्जर, नरेंद्र खटवड़, लालूराम माली, जितेंद्र माली, मुकेश सोलंकी, राजेंद्र सिंह शक्तावत, ओमप्रकाश अहिरवार, दिलीप पाटीदार, जुगल विश्वकर्मा, विनय दुबेला, अजीजुल्लाह खान, वर्दीचंद कुमावत, राजाराम तंवर, आनंद श्रीवास्तव, हरीश सालवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, हरिओम सुरा, सुनील पोरवाल, गोपाल राव, दिनेश सोलंकी, बंशीलाल टाक, मुकेश आर्य एवं राजेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद-मंदसौर, सैनिक सम्मान अभियान समिति-मध्यप्रदेश, जय भारत मंच, जिला धार्मिक उत्सव समिति, पंछी बचाओ अभियान समिति, मनन वेलफेयर सोसायटी, शिव शक्ति संगठन, रक्तवीर रेड आर्मी समिति, दशपुर हेल्पलाइन संस्था, सहकार भारती, पतंजलि योग समिति, दशपुर जागृति संगठन, रोकड़िया बालाजी सेवा संस्थान सहित विभिन्न संगठनों की सहभागिता रही।
सैनिक सम्मान की परंपरा आगे बढ़ाने का संकल्प-
कार्यक्रम के अंत में उपस्थितजनों ने मंदसौर की सैनिक सम्मान परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्ररक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते रहने का संकल्प लिया।
सैनिक सम्मान अभियान के संयोजक विनय दुबेला ने सभी पूर्व सैनिकों, सामाजिक एवं सेवा संगठनों के पदाधिकारियों तथा नागरिकों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।