नीमच। युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर रखने और मादक पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) के अधिकारियों ने सोमवार को नीमच में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के तहत नीमच के पीजी कॉलेज में छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता कैंप आयोजित किया गया।
कैंप के दौरान सीबीएन अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान और नशे की लत के गंभीर दुष्परिणामों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर परिवार, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। युवाओं की ऊर्जा को नशे की ओर जाने से रोककर शिक्षा, खेल, रोजगार और सकारात्मक गतिविधियों की ओर ले जाना जरूरी है।
युवाओं ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प-
जागरूकता कैंप के दौरान छात्र-छात्राओं ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने युवाओं को नशे से बचने के साथ ही जरूरत पड़ने पर अपने परिवार और समाज के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
सीबीएन लगातार चला रहा जागरूकता अभियान-
डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर मध्यप्रदेश निखिल गांधी ने कहा कि नशा देश के लिए और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक बड़ी चुनौती है। इसलिए युवा वर्ग का नशे से दूर रहना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि सीबीएन द्वारा लगातार जागरूकता कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले महीने जावरा, मंदसौर और गरोठ सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसी क्रम में अब नीमच में भी जागरूकता कैंप आयोजित किया गया है।
निखिल गांधी ने युवाओं से अपील की कि वे नशे से पूरी तरह दूर रहें और अपने साथियों एवं आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।