इंदौर। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने नियमितिकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को निगम कार्यालय में प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में कर्मचारी सुबह करीब 11ः30 बजे निगम पहुंचे। यहां कर्मचारी जमीन पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कर्मचारी ‘बाहर आकर बात करो’, ‘निगम कमिश्नर इस्तीफा दो’, ‘जातिवाद बंद करो’ और ‘निगम कमिश्नर हाय-हाय’ के नारे लगाते रहे। कर्मचारी निगम आयुक्त के बाहर आकर बात करने की मांग भी कर रहे हैं।
5 अक्टूबर से काम बंद करने की चेतावनी
सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम आयुक्त को पत्र देकर 5 अक्टूबर 2026 से इंदौर में सफाई कार्य बंद करने की सूचना दी है। पत्र में कहा गया है कि पिछले कई वर्षों से कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए निगम आयुक्त और महापौर को ज्ञापन और आवेदन दिए गए, लेकिन उचित समाधान नहीं हुआ। कर्मचारियों ने समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर काम बंद हड़ताल पर जाने की बात कही है।
24 अगस्त को मेयर ने दिए थे निर्देश
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 24 अगस्त 2026 को सफाई कर्मचारियों और निगम कर्मचारियों की मांगों के संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में ऐसे विनियमित सफाई एवं अन्य कर्मचारियों को, जो शैक्षणिक योग्यता के अभाव में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के समान वेतन-भत्तों के लाभ से वंचित हुए हैं, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के समान वेतनमान का लाभ देने के लिए नियमों में शिथिलता की अनुशंसा के साथ शासन को पत्र भेजने को कहा गया था।
इसके अलावा निगम में 16 मई 2007 के बाद नियुक्त दैनिक वेतन भोगी, सफाई कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों को विनियमित करने के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए थे। निगम कर्मचारी/सफाई मित्र की मृत्यु के बाद उनके परिवार को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने के प्रकरणों में तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया था।
निगम कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों के अवकाश नगदीकरण के प्रकरणों का समयसीमा में नियमानुसार निराकरण करने और निगम में कार्यरत सभी कर्मचारियों को प्रतिमाह वेतन स्लिप देने के निर्देश भी दिए गए थे।