दतिया। सोमवार को बड़ी संख्या में मांझी समाज के लोगों ने रामलला असनई मंदिर प्रांगण से पैदल मार्च निकालकर नवीन कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि,15 मई 2023 को की गई घोषणा को पूर्ण कर मांझी समाज के कर्मचारियों को संरक्षण हेतु तत्काल आदेश जारी किया जाएं।आदेश 1 जनवरी 2018 में संशोधन कर उसे आगामी आदेश तक जारी रखा जाएं। केवट, मल्लाह, भोई, धीवर(ढीमर), कहार आदि निषाद को पिछड़ा वर्ग सूची 12 से हटाकर अनुसूचित जनजाति की सूची के सरल क्रमांक 29 में मांझी सहित अंकित किया जाएं।वर्तमान में प्रदेश के शासकीय विभागों में कार्यरत मांझी के पर्याय अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र धारक कर्मचारियों पर दर्ज सभी प्रकरण को शून्य किया जाएं।पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल को निर्देशित किया जाएं कि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के द्वारा मांझी जाति के प्रमाण पत्र धारकों पर फर्जी जाँच, विभागीय जाँच, एवं राज्य स्तरीय छानबीन समिति द्वारा की जा रही जाति प्रमाण पत्र संबंधी जाँचों को तत्काल बंद किया जाएं। समस्त जिलों में मांझी जनजाति के पर्याय को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने हेतु निर्देशित किया जाएं।मांझी समाज के लोगों ने कहा कि,मोहन सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो पूरे मध्य प्रदेश के मांझी समाज लोग सड़कों पर उतरेंगे आंदोलन करेंगे।