नीमच। किसान कल्याण वर्ष के तहत सोमवार को कृषि उपज मंडी चंगेरा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में खेती, सिंचाई और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए नीमच के किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने किसानों से कृषि गतिविधियों, नवाचार, शासन की किसान हितैषी योजनाओं से मिल रहे लाभ और उनकी आवश्यकताओं पर चर्चा की।
उत्पादन एवं व्यापार में नीमच जिले की महत्वपूर्ण भूमिका-
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीमच जिला उन्नत कृषि, आधुनिक खेती और कृषि व्यापार के क्षेत्र में प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। अश्वगंधा, इसबगोल, तुलसी, सतावरी, चिरायता, आंवला, बहेरा और नीम जैसी औषधीय फसलों के साथ चिया सीड, लहसुन, मेथी और धनिया के उत्पादन एवं व्यापार में भी जिले की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने किसानों की मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती जयंती पर जिलेवासियों को शुभकामनाएं भी दीं।
नीमच मंडी की बढ़ती आवक और आय का किया उल्लेख-
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच कृषि उपज मंडी ए-ग्रेड मंडी है और औषधीय फसलों के व्यापार के लिए एशिया के प्रमुख केंद्रों में अपनी पहचान रखती है। वर्ष 2023-24 में मंडी में 53.46 लाख क्विंटल कृषि उपज की आवक हुई थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर करीब 72 लाख क्विंटल हो गई। इसी अवधि में मंडी की आय भी बढ़कर करीब 34.5 करोड़ रुपये हो गई।
प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा-
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में 10 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की जा रही है। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने, फसल विविधीकरण और कृषि के साथ अन्य आयवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। डॉ. यादव ने कहा कि रामपुरा-मनासा सूक्ष्म वृहद सिंचाई परियोजना से 212 गांवों की 67 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित हो सकेगी। जावद-नीमच एवं खुमान सिंह शिवाजी सिंचाई योजनाओं के पूर्ण होने से एक लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे जिले में कृषि का रकबा बढ़ने के साथ बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिलेगा।
चीता परियोजना से पर्यटन और रोजगार की नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने गांधीसागर अभयारण्य में चीता परियोजना के आने से नीमच में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्यपालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने गांधीसागर जलाशय सहित जिले में मत्स्य उत्पादन से जुड़े परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता बताई।
किसानों के लिए ऋण व्यवस्था सरल बनाने पर जोर-
मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि किसानों के सम्मान और कल्याण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सहकारी क्षेत्र की ऋण व्यवस्था को और सरल एवं किसान हितैषी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि रबी और खरीफ फसलों के समय किसानों को ऋण प्राप्त करने में कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को सुविधाओं का लाभ समय पर मिले और समितियों में जमा राशि समय पर किसानों के खातों में पहुंचे, इसके लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी किया संबोधित
जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में कृषि सहित सभी क्षेत्रों में सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी। युवाओं के रोजगार व स्वरोजगार पर भी जोर दिया। मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू ने कृषि एवं औषधीय फसलों के अनुसंधान केंद्र की आवश्यकता बताई। उन्होंने किसानों के लिए सिंचाई, बिजली और कृषि सुविधाओं के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया।
प्रगतिशील किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान-
कार्यक्रम में उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील किसानों श्याम कारपेंटर, हरीश पाटीदार, किशोर कुमार पाटीदार और अनिल धाकड़ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं 11 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी प्रशस्ति पत्र दिए गए। महोत्सव में कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक कृषि पद्धतियों, फसल उत्पादन, पशुपालन और किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी। आयोजन स्थल पर विभिन्न विभागों की ओर से कृषि तकनीक एवं योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई।
कार्यक्रम में यह जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे मौजूद-
कार्यक्रम में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, अपर कलेक्टर बीएस कलेश, जयपाल सिंह चावड़ा, कप्तान सिंह, कपिल यार्डे, वंदना खंडेलवाल, नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, विभागीय प्रतिनिधि, हितग्राही और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।