निंबाहेड़ा। नगर परिषद की 4 अक्टूबर को आयोजित प्रथम बोर्ड बैठक को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नीतिगत एवं वित्तीय मामलों में बिना पर्याप्त चर्चा और सर्वसम्मति के केवल बहुमत के आधार पर निर्णय लिए गए। कांग्रेस पार्षदों ने सभापति एवं उपसभापति की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बैठक में दोनों पूरी तरह चुप रहे और पार्षदों के सवालों का जवाब स्थानीय विधायक श्रीचंद कृपलानी देते नजर आए।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं पार्षद सुभाषचंद्र शारदा ने कहा कि प्रथम बोर्ड बैठक में पार्षदों को उम्मीद थी कि सभापति एवं उपसभापति प्रभावी तरीके से बैठक का संचालन करेंगे, लेकिन उन्होंने पार्षदों की समस्याओं और सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि दशहरा मेला और एनडीपीएस कोर्ट के लिए भूमि आवंटन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी बिना पर्याप्त चर्चा के बहुमत के आधार पर निर्णय पारित किए गए।
नगर कांग्रेस संगठन महासचिव एवं पार्षद रविप्रकाश सोनी ने दशहरा मेला 2026 के टेंडरों में अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ टेंडरों की राशि पिछले वर्ष की तुलना में डेढ़ से दो गुना तक बढ़ाई गई है। सोनी के अनुसार, फ्लेक्स-बैनर प्रिंटिंग का टेंडर पिछले वर्ष 4 लाख रुपये था, जिसे बढ़ाकर 9.50 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं भोजन-नाश्ता सप्लाई का टेंडर 4.90 लाख से बढ़ाकर 7.50 लाख रुपये किया गया है।
पार्षद दिलीप भांभी ने मीरा रंगमंच और रामलीला मंचन की राशि निर्धारित नहीं किए जाने पर सवाल उठाया। आयुक्त ने जवाब दिया कि कार्यक्रम तय होने के बाद राशि निर्धारित की जाएगी। कांग्रेस पार्षदों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए इसे पारदर्शिता के लिहाज से उचित नहीं बताया।
पार्षद जकी अहमद ने आरोप लगाया कि टेंडर राशि में वृद्धि को लेकर किसी समिति या पार्षद से चर्चा नहीं की गई। कांग्रेस पार्षदों ने आशंका जताई कि इससे नगर परिषद के राजकोष पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है और मेले की व्यवस्था में पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।
कांग्रेस पार्षद दल के अनुसार, राहत बी, छगनलाल रेगर, अहमद नूर, सलमा मेव, गीता वैष्णव, हिना अली, मोहम्मद कुरैशी, मामूर मेव, चांदी बाई खटीक, विपुल कुमावत, मुन्नी देवी तेली, लाली बाई मीणा और निर्मला मेघवाल सहित अन्य पार्षदों ने बाद में आयुक्त से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां रखीं। पार्षदों का कहना है कि आयुक्त ने उनके सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
कांग्रेस पार्षद दल ने मांग की कि बैठक में उठाई गई उनकी आपत्तियों और टिप्पणियों को बोर्ड प्रोसिडिंग में शामिल किया जाए। कांग्रेस ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के बेहतर संचालन के लिए विपक्ष की राय और जनहित से जुड़े सवालों पर चर्चा जरूरी है। साथ ही दशहरा मेले के टेंडरों में पारदर्शिता बरतने और वित्तीय निर्णयों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई।