नीमच। संभागीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संभागायुक्त आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि संभाग के जिलों में चिन्हित ब्लैक स्पॉट वाले क्षेत्रों के हाईवे किनारे स्थित ढाबों एवं रेस्टोरेंट पर नजदीकी अस्पताल, एंबुलेंस और थानों के संपर्क नंबर प्रदर्शित किए जाएं। साथ ही यहां कार्यरत कर्मचारियों को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाने तथा आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार और सीपीआर देने का प्रशिक्षण दिलाया जाए।
बैठक प्रशासनिक संकुल भवन के द्वितीय तल स्थित कलेक्टर सभागृह में संभागायुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, नगर निगम आयुक्त सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बाढ़ प्रभावित स्थानों पर पुल निर्माण के प्रस्ताव भेजें-
संभागायुक्त ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक स्थलों के पास ऐसी रपटें, जिन पर बारिश या बाढ़ के दौरान पानी भर जाता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहां बड़े पुलों के निर्माण के प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे जाएं। ऐसे स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर पुल निर्माण के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।
हाईवे पर अवैध कट बनाने पर होगी कार्रवाई-
संभागायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एमपीआरडीसी की सड़कों पर बने अवैध कट पॉइंट बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ढाबों, पेट्रोल पंपों या अन्य स्थानों के सामने नियम विरुद्ध कट बनाए जाने पर संबंधित इंजीनियर के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि आवश्यक कट पॉइंट पर नियमानुसार साइनेज, स्पीड ब्रेकर अथवा रंबल स्ट्रिप की व्यवस्था हो। पेट्रोल पंप और ढाबों के लिए अनावश्यक कट देने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों को आवश्यक एवं अनावश्यक कट पॉइंट की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने पर जोर-
एडीजी राकेश गुप्ता ने शहरों में सब्जी मंडियों के कारण प्रभावित होने वाली यातायात व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों पर दिखाई देने वाले गोवंश को गौशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था करने तथा टोल नाकों के आसपास सीट बेल्ट की जांच करने को कहा। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि वाहन चेकिंग के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि यातायात प्रभावित न हो। एनएचएआई, एमपीआरडीसी और पुलिस को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अपने-अपने फोर्स एवं एंबुलेंस के संपर्क नंबर साझा करने के निर्देश दिए गए।
जिलों ने सड़क सुरक्षा की स्थिति बताई-
उज्जैन पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शहर में वर्तमान में करीब 2 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। प्राइवेट टैक्सी ऑपरेटरों के वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग व्यवस्था की जरूरत बताई गई।
आगर पुलिस अधीक्षक ने जिले में छह ब्लैक स्पॉट चिन्हित होने की जानकारी दी। शाजापुर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले की आठ पंचायतों में मिशन जीवन रक्षक के तहत प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। आपातकालीन रिस्पॉन्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा नेशनल हाईवे की टीम के साथ समन्वय किया जा रहा है।
देवास कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने जिले में 12 ब्लैक स्पॉट चिन्हित होने की जानकारी दी। उन्होंने ओवरस्पीड रोकने के लिए नियमानुसार रंबल स्ट्रिप एवं स्पीड ब्रेकर की आवश्यकता बताई।
रतलाम कलेक्टर ने बताया कि जिले में 280 वाहनों की जांच की गई, जिनमें 43 वाहनों के चालान बनाए गए। रतलाम पुलिस अधीक्षक ने हाईवे के दोनों ओर सर्विस रोड के पास स्थित ढाबों पर ट्रकों सहित अन्य वाहनों के खड़े रहने से दुर्घटना की आशंका जताई। उन्होंने एनएचएआई एवं एमपीआरडीसी से नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की आवश्यकता बताई।
मंदसौर एवं नीमच जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों ने मिशन जीवन रक्षक के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक में निजी वाहनों की दुर्घटनाओं में मृतकों के मुआवजा प्रकरणों के लंबित रहने का मुद्दा भी सामने आया। अधिकारियों ने ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता बताई।