बालाघाट। लांजी क्षेत्र के कारंजा गांव में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आएंगे। वे यहां नवनिर्मित स्मृति भवन और माधव नेत्रालय का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम दोपहर 2.30 बजे होगा।
स्मृति भवन तृतीय सर-संघचालक बालासाहेब देवरस और भाऊराव देवरस के जीवन, कार्य और संघ से जुड़े योगदान की स्मृतियों को प्रदर्शित करने के लिए तैयार किया गया है। वहीं नेत्रालय के माध्यम से क्षेत्र में नेत्र जांच और इलाज से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
कार्यक्रम में 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था
कारंजा में डॉ. मोहन भागवत के आगमन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। कार्यक्रम में आम लोगों के शामिल होने की व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थल पर करीब 2 हजार लोगों के बैठने के लिए पंडाल बनाया गया है। संघ पदाधिकारियों ने सोमवार को तैयारियों को लेकर बैठक भी की।
कार्यक्रम की शुरुआत सुरभी गौशाला में गौपूजन से होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद दत्तात्रेय मंदिर में पूजन और फिर स्मृति भवन तथा नेत्रालय का लोकार्पण होगा।
सुरक्षा के लिए करीब 1500 जवान तैनात
कभी नक्सली क्षेत्र रहे लांजी के कारंजा में RSS प्रमुख डॉ. भागवत के आगमन को लेकर करीब डेढ़ हजार CRPF, हॉक और जिला पुलिस बल के अलावा CISF के सुरक्षा बल जगह-जगह तैनात रहेंगे। SP आदित्य मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई है। जिसमें करीब डेढ़ हजार जवानों को तैनात किया गया है।
देवरस बंधुओं के कार्यों की सराहने के लिए बनाया स्मृति भवन
बालासाहेब देवरस संघ के तृतीय सरसंघचालक रहे हैं, जबकि उनके छोटे भाई भाऊराव देवरस प्रचारक के रूप में संगठन कार्य से जुड़े रहे।
सेवा न्यास के अनुसार स्मृति भवन का उद्देश्य देवरस बंधुओं के जीवन, विचार और कार्य से जुड़ी स्मृतियों को संरक्षित करना है। वहीं बालासाहेब देवरस नेत्रालय माधव नेत्रालय द्वारा संचालित किया जाएगा। इससे कारंजा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल की गई है।
बालासाहेब देवरस से जुड़े सेवा प्रकल्पों के तहत कारंजा में पहले से स्कूल, आवासीय विद्यालय, गौशाला और सिलाई प्रशिक्षण केंद्र सहित अन्य गतिविधियां संचालित होने की जानकारी दी गई है।