पिपलिया मंडी। भारत सरकार द्वारा मंदसौर संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता को रेलवे संबंधी स्थायी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जगी है। यह समिति रेलवे के कामकाज, बजट, नीतियों, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़े विषयों की समीक्षा करती है। अध्यक्ष के रूप में गुप्ता समिति की बैठकों की अध्यक्षता करने के साथ विभिन्न मुद्दों पर सदस्यों के विचार सुनेंगे तथा रिपोर्ट एवं सिफारिशों को अंतिम रूप देने में भूमिका निभाएंगे।
रतलाम-भीलवाड़ा डेमू को नियमित नंबर देने की मांग-
रेल मामलों के विशेषज्ञ रामेश्वर फरक्या ने मांग की है कि स्पेशल के रूप में संचालित रतलाम-भीलवाड़ा डेमू तथा रतलाम-आगरा फोर्ट पैसेंजर ट्रेन को पुनः नियमित नंबर देकर पैसेंजर ट्रेन के रूप में संचालित किया जाए। उनका कहना है कि इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी। अन्य रेल मंडलों में भी पैसेंजर ट्रेनों को समय-समय पर नियमित नंबर दिए जा रहे हैं।
पिपलिया मंडी स्टेशन पर बढ़ाए जाएं ठहराव-
लंबे समय से पिपलिया मंडी एवं आसपास के क्षेत्र के यात्री स्थानीय रेलवे स्टेशन पर विभिन्न ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे हैं। इनमें उज्जैन-चित्तौड़गढ़-उज्जैन मेमू, काचीगुड़ा-भगत की कोठी, उदयपुर-बांद्रा, इंदौर-बीकानेर, श्रीगंगानगर-लक्ष्मीबाई नगर तथा इंदौर-दिल्ली सराय रोहिल्ला ट्रेनों के ठहराव की मांग शामिल है। मांग की गई है कि इन ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति देकर यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
ट्रेनों के विस्तार की भी मांग-
क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए असारवा-चित्तौड़गढ़ मेमू यात्री ट्रेन का रतलाम तक, ग्वालियर-भिंड-रतलाम एक्सप्रेस का नीमच तक तथा मथुरा-रतलाम पैसेंजर ट्रेन का नीमच तक विस्तार करने की मांग भी उठाई गई है।
नीमच और मंदसौर को जंक्शन बनाने के प्रयास तेज हों-
फरक्या ने रेलवे बोर्ड, रेल मंत्री, राज्यसभा सांसदों एवं नवनियुक्त समिति अध्यक्ष से मांग की है कि नीमच से बड़ी सादड़ी रेल लाइन का काम जल्द शुरू कराया जाए। इससे उदयपुर की दूरी कम होने के साथ नीमच को जंक्शन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी रास्ता खुलेगा। इसी तरह मंदसौर-सुवासरा रेल लाइन के लिए बजट स्वीकृत कराकर मंदसौर को भी जंक्शन के रूप में विकसित करने की मांग की गई है।
बेंगलुरु के लिए नई ट्रेन की मांग-
क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को दक्षिण भारत से जोड़ने के लिए उदयपुर-मैसूर हमसफर ट्रेन के फेरे बढ़ाने तथा उदयपुर से बेंगलुरु के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की मांग की गई है। साथ ही चित्तौड़गढ़ से इंदौर के बीच नई रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की मांग भी उठाई गई है।
रेल मामलों के विशेषज्ञ रामेश्वर फरक्या ने उम्मीद जताई कि रेलवे संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में सुधीर गुप्ता के समक्ष क्षेत्र की इन मांगों को प्रभावी रूप से रखने और रेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में प्रयास तेज किए जा सकेंगे।