भगवानपुरा। अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर 27 सितंबर से जारी आंदोलन के दसवें दिन भोपाल के नीलम पार्क में भूख हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन किया गया। इसमें भोपाल संभाग सहित प्रदेशभर से नवीन शिक्षक संवर्ग के हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
संयुक्त मोर्चा के जिला संयोजक विनोद पंडित, प्रभुराम मालवीय, गिरिराज शर्मा, भारत डावर, अतीक खान, अमित शर्मा, सुनीता वर्मा, उज्ज्वला यादव, दीपाली यादव, शाकिर कुरैशी, राजेश पाटीदार, दिनेश पटेल, ग्यारसीलाल पटेल तथा वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष हबीबुल्लाह खान ने बताया कि आंदोलन के तहत तीन प्रमुख मांगें उठाई जा रही हैं। इनमें शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को निरस्त करना, नवीन शिक्षक संवर्ग में शामिल शिक्षाकर्मी, गुरुजी, संविदा शिक्षक एवं अध्यापकों को उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से शासकीय सेवक मानते हुए सेवा अवधि की गणना करना तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था को समाप्त कर सभी शासकीय कर्मचारियों के लिए समान उपस्थिति व्यवस्था लागू करना शामिल है।
शिक्षकों ने एक स्वर में टीईटी परीक्षा के लिए आवेदन नहीं करने का संकल्प लेते हुए कहा कि वर्ष 2018 में नवीन शिक्षक संवर्ग के गठन के कारण उनकी लगभग 20 वर्षों की वरिष्ठता प्रभावित हुई है। उन्होंने मांग की कि सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए, जिससे ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का लाभ मिल सके।
शिक्षकों ने बताया कि वर्तमान में नवीन शिक्षक संवर्ग से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपेक्षाकृत कम ग्रेच्युटी एवं एनपीएस पेंशन मिल रही है, जबकि नियमित शिक्षकों को अधिक सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त होते हैं। इसे लेकर शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है।
इसी दौरान संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर मुख्यमंत्री स्तर पर हस्तक्षेप करते हुए मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में जगदीश यादव, राकेश दुबे, परमानंद डेहरिया, राकेश पटेल, डी.के. सिंघौर, राकेश नायक एवं मनोहर दुबे शामिल रहे। संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि मांगों के निराकरण तक आंदोलन जारी रहेगा।