नीमच। नगरपालिका द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान झोपड़ी हटाए जाने से बेघर हुई महिला ने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को ज्ञापन सौंपकर मदद और वैकल्पिक आवास व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की।
छात्रावास के पीछे रहने वाली मीरा बाई पति बबन ने ज्ञापन में बताया कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से उक्त स्थान पर छोटी सी झोपड़ी बनाकर अपने परिवार के साथ निवास कर रही थी। शनिवार को नगरपालिका नीमच द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उसकी झोपड़ी को नष्ट कर दिया गया। झोपड़ी हटाए जाने से वह और उसका परिवार बेघर हो गए हैं।
महिला ने बताया कि झोपड़ी हटाने से पहले उसे घरेलू सामग्री एवं अन्य आवश्यक सामान बाहर निकालने का पर्याप्त अवसर भी नहीं दिया गया। इसके चलते उसकी घरेलू सामग्री अभी भी मौके पर पड़ी हुई है। झोपड़ी नष्ट होने के बाद परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है और वे बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं।
ज्ञापन में मीरा बाई ने कलेक्टर से मामले की मानवीय दृष्टिकोण से तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही मौके पर पड़ी घरेलू सामग्री को सुरक्षित रूप से वापस दिलाने, परिवार के लिए अस्थायी आवास अथवा वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने तथा शासन की पात्रता के अनुसार आवश्यक सहायता प्रदान करने की गुहार लगाई है।
महिला ने यह भी मांग की है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान यदि उसकी घरेलू सामग्री को किसी प्रकार का नुकसान हुआ है, तो उसकी भी जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।