चित्तौड़गढ़। सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के शंकर मेनन सभागार में विशेष सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री एवं ओलंपिक पदक विजेता कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। उन्होंने कैडेट्स से संवाद करते हुए जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने, कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की आदत को सफलता का आधार बताया। उन्होंने प्रतिस्पर्धी दौर में आगे बढ़ने के लिए बेहतर संवाद कौशल, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया।
मुख्य अतिथि के स्कूल पहुंचने पर प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया, उप प्राचार्या लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल एवं प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी. श्रीकुमार ने उनका स्वागत किया। स्कूल कैप्टन कैडेट मधुसुदन सिंह राठौड़ ने मुख्य अतिथि का परिचय प्रस्तुत करते हुए उनके सैन्य, खेल एवं सार्वजनिक जीवन की उपलब्धियों से कैडेट्स को अवगत कराया।
स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि विशेष सभा को संबोधित करते हुए कर्नल राठौड़ ने कैडेट्स को साहस, मेहनत, अनुशासन और समर्पण को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कैडेट्स नियमित रूप से पुस्तकों का अध्ययन करें और अपने ज्ञान का निरंतर विस्तार करें। साथ ही संचार कौशल को मजबूत करने तथा टीम भावना के साथ मिलकर कार्य करने की आदत विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक कैडेट में नेतृत्व क्षमता विकसित होना आवश्यक है। परिस्थितियों के अनुसार जिम्मेदारी लेना और एक अच्छे नेता की तरह व्यवहार करना सीखना चाहिए। उन्होंने कैडेट्स को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में शालीनता, अनुशासन एवं उचित आचरण को प्राथमिकता देने की सीख दी। साथ ही स्कूल में उपलब्ध खेल सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
गलतियों से सीखना ही वास्तविक सफलता
अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कर्नल राठौड़ ने कहा कि गलतियां जीवन का हिस्सा हैं। गलती होना असफलता नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर दोबारा प्रयास करना वास्तविक सफलता है। उन्होंने कैडेट्स को असफलताओं से घबराने के बजाय उन्हें सफलता की सीढ़ी बनाने का संदेश दिया। उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि “असफल होना सफलता की पहचान है, बशर्ते हम अपनी गलतियों से सीखकर दोबारा प्रयास करें।”
पूर्व छात्रों की उपलब्धियों का किया उल्लेख-
कर्नल राठौड़ ने सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के गौरवशाली पूर्व छात्रों का उल्लेख करते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके पूर्व छात्रों की उपलब्धियों का जिक्र किया। उनके प्रेरणादायक संबोधन से कैडेट्स में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का उत्साह नजर आया।
विशेष सभा से पूर्व कर्नल राठौड़ ने सैनिक स्कूल परिसर का भ्रमण किया और कैडेट्स के सर्वांगीण विकास के लिए उपलब्ध विभिन्न प्रशिक्षण एवं खेल सुविधाओं का अवलोकन किया।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल कैप्टन कैडेट मधुसुदन सिंह राठौड़ ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया। वहीं स्कूल प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने स्कूल परिवार की ओर से कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।