ग्वालियर। ग्वालियर में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली बड़ी परियोजना अब जमीन पर उतरने जा रही है। श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) में एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) विकसित किया जा रहा है। परियोजना के भूमिपूजन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 29 अक्टूबर को शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में टेलीकॉम उपकरणों के निर्माण के साथ कंपोनेंट्स निर्माण, डिजाइन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, टेस्टिंग और इनोवेशन से जुड़ा पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। यहां ऑप्टिकल फाइबर, सेमीकंडक्टर और 5G-6G जैसी उन्नत तकनीकों से जुड़े उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। परियोजना में 24 से अधिक वैश्विक कंपनियों के शामिल होने की संभावना है।
परियोजना के लिए दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें एवं रोड शो किए गए। इन प्रयासों के बाद TMZ के लिए 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इससे 18 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। दिल्ली में करीब 3,500 करोड़, मुंबई में करीब 2 हजार करोड़ और बेंगलुरु में 700 से 800 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं।
परियोजना के पहले चरण के बुनियादी ढांचे के लिए केंद्र सरकार 493 करोड़ रुपये की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता देगी। वहीं मध्यप्रदेश सरकार ने परियोजना के लिए करीब 170 एकड़ जमीन नि:शुल्क उपलब्ध कराई है। परियोजना के लिए गठित विशेष प्रयोजन इकाई (SPV) में मध्यप्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित की गई है।
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत कंपनियों को तैयार बुनियादी ढांचा और साझा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे कम समय में उत्पादन गतिविधियां शुरू कर सकें। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया परियोजना की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और हाल ही में SADA क्षेत्र में प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण भी किया था।
यह परियोजना ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और तकनीकी विनिर्माण से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।