इंदौर। शहर में सड़क धंसने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। गाड़ी अड्डा, पंढरीनाथ, विजय नगर और जूनी इंदौर के बाद अब परदेशीपुरा की रोड नंबर-3 पर सड़क धंसने का मामला सामने आया है। सड़क का एक हिस्सा ड्रेनेज लाइन के पास धंसने से निर्माण की गुणवत्ता और भूमिगत ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सड़क धंसने के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता है कि आखिर मजबूत दिखाई देने वाली सड़क अचानक जमीन में कैसे बैठ गई। ड्रेनेज लाइन के आसपास पर्याप्त भराव और कॉम्पैक्शन किया गया था या नहीं, सड़क निर्माण के बाद गुणवत्ता की जांच हुई थी या नहीं, ऐसे कई सवाल अब नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं।
परदेशीपुरा की घटना को शहर में लगातार सामने आ रही सड़क धंसने की घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। अलग-अलग इलाकों में सड़क धंसने के मामलों के बाद सड़क निर्माण और रखरखाव के साथ भूमिगत ड्रेनेज नेटवर्क की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल जिम्मेदारी को लेकर है। सड़क निर्माण किस एजेंसी ने कराया, ड्रेनेज लाइन का काम किस ठेकेदार ने किया, निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों का पालन हुआ या नहीं और काम पूरा होने के बाद गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गईकृइन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है।
तकनीकी जांच के बाद ही सड़क धंसने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि, बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच केवल धंसी सड़क की मरम्मत करने के बजाय उसके मूल कारण की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क को दोबारा बनाने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी स्थिति फिर पैदा न हो।