चित्तौड़गढ़। मानसून के दौरान और उसके बाद डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले में ‘स्वास्थ्य दल आपके द्वार’ अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत की है। अभियान 5 से 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर मच्छरों के प्रजनन स्रोतों की पहचान, लार्वा नियंत्रण, बुखार के मरीजों का सर्वे और जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करेंगी।
सीएमएचओ डॉ. ताराचंद गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार डेंगू के मामले अगस्त, सितंबर, अक्टूबर और नवंबर माह में अधिक सामने आते हैं। ऐसे में मच्छरों की ट्रांसमिशन श्रृंखला को तोड़ने के लिए इस अवधि में मच्छररोधी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिले में अभियान का तीसरा चरण शुरू किया गया है।
घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम-
अभियान के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षेत्रवार सर्वे टीमों का गठन किया गया है। इनमें डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर, आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं सीएचओ शामिल रहेंगे। एमपीडब्ल्यू, एलएचवी, पीएचएम सहित अन्य सुपरवाइजरी स्टाफ निगरानी टीम के रूप में कार्य करेगा।
स्वास्थ्य दल घर-घर जाकर सोर्स रिडक्शन, एंटी-लार्वल, एंटी-एडल्ट और आईईसी गतिविधियां संचालित करेंगे। साथ ही बुखार से पीड़ित मरीजों का सर्वे कर आवश्यकतानुसार रक्त की स्लाइड भी बनाई जाएगी।
डिप्टी सीएमएचओ (हेल्थ) डॉ. पुनीत कुमार तिवारी ने बताया कि अभियान के दौरान टीमें घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की जानकारी जुटाएंगी और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान करेंगी।
एंटोमोलॉजिकल सर्वे और इंडेक्स की होगी मॉनिटरिंग-
अभियान के दौरान एंटोमोलॉजिकल सर्वे किया जाएगा। हाउस इंडेक्स और ब्रेटू इंडेक्स की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। नगर निगम के समन्वय से सैनिटरी इंस्पेक्टरों को मच्छर लार्वा की पहचान एवं प्रदर्शन तथा एंटी-लार्वल गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सोर्स एंटी-लार्वल, आईईसी और एंटी-एडल्ट गतिविधियों की रिपोर्टिंग मरुधर ऐप के माध्यम से की जाएगी। इसके साथ ही आमजन को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
शहर में सफाई, फॉगिंग और जलभराव हटाने पर जोर-
स्थानीय निकायों की ओर से शहरी क्षेत्रों में तथा पंचायतीराज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों और गंदे पानी के स्रोतों में एमएलओ डलवाया जाएगा। घरों के बाहर रखी टंकियों एवं अन्य जल स्रोतों की सफाई, नालियों की सफाई और आवश्यकतानुसार फॉगिंग कराई जाएगी।
सड़कों पर बने गड्ढों को भरवाने के साथ जलभराव वाले स्थानों को भी चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिन घरों में मच्छरों के लार्वा पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार नोटिस अथवा चालान की कार्रवाई की जाएगी।
बड़े जल निकायों और खाली प्लॉटों की भी होगी सफाई-
बड़े जल निकायों की साफ-सफाई के साथ उनमें उगने वाली अनावश्यक वनस्पतियों की कटाई की जाएगी। खाली पड़े प्लॉटों में जमा गंदगी और पानी को हटाने की जिम्मेदारी संबंधित स्थानीय निकायों की रहेगी।
कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से जागरूकता माइकिंग भी कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से सैनिटरी इंस्पेक्टरों और सफाई कर्मचारियों को लार्वा की पहचान, प्रदर्शन तथा एंटी-लार्वल गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय और पंचायतीराज विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए प्रभावी मच्छररोधी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।