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October 7, 2026, 6:40 pm
REPORT : पारंपरिक खेती से नवाचार की ओर बढ़े हरीश पाटीदार, आय में हुआ दोगुना इजाफा, ड्रैगन फ्रूट, गुलाब और गेंदे की खेती ने बनाया खेती को लाभ का व्यवसाय, पढ़े खबर 

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नीमच। मनासा तहसील के ग्राम पिपलियाहाड़ी निवासी किसान हरीश पाटीदार ने पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों और कृषि नवाचार को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी व्यवसाय में बदलने की मिसाल पेश की है। गेहूं, चना, धनिया और लहसुन जैसी पारंपरिक फसलों से शुरुआत करने वाले पाटीदार ने बाजार की मांग और बदलते कृषि परिवेश को देखते हुए ड्रैगन फ्रूट, गुलाब और गेंदे की खेती शुरू की। इससे उनकी कृषि आय में करीब दोगुना इजाफा हुआ है।

नई सोच ने बदली खेती की दिशा-
हरीश पाटीदार बताते हैं कि पारंपरिक फसलों में लागत, मजदूरी और उर्वरकों पर होने वाले खर्च के बावजूद अपेक्षित आमदनी नहीं हो पा रही थी। ऐसे में उन्होंने उद्यानिकी फसलों की संभावनाओं को समझा और फसल विविधीकरण के साथ नए प्रयोग शुरू किए।

वर्ष 2023 में उन्होंने अपने मित्र महेश भट्ट के साथ ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। पहले वर्ष करीब 2 टन उत्पादन प्राप्त हुआ। वर्तमान वर्ष में अब तक करीब 3 टन उत्पादन हो चुका है, जबकि आगामी दो माह में लगभग 3 टन अतिरिक्त उत्पादन की उम्मीद है।

इसके बाद वर्ष 2024 में उन्होंने एक एकड़ क्षेत्र में डिवाइन गुलाब की खेती शुरू की। पहले ही वर्ष इससे करीब 6.40 लाख रुपये की आमदनी हुई। वर्तमान में लगभग एक टन गुलाब का उत्पादन प्रतिमाह हो रहा है।

वर्ष 2025 में उन्होंने करीब 11,500 पौधों से 135 क्विंटल गेंदे का उत्पादन प्राप्त किया। बाजार में बेहतर भाव मिलने से इस फसल से भी उन्हें अच्छा लाभ हुआ।

नवाचार का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 में उन्होंने करीब दो एकड़ क्षेत्र में 14 हजार पौधों की बोर्डेक्स वैरायटी के कट फ्लावर गुलाब लगाए हैं। इनसे उत्पादन भी शुरू हो चुका है।

योजनाओं और मार्गदर्शन से मिला संबल-
पाटीदार के अनुसार उद्यानिकी फसलों को अपनाने में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, आत्मा परियोजना तथा संबंधित अधिकारियों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। शासन की किसान हितैषी योजनाओं का भी उन्हें लाभ मिला। एमआईडीएच योजना के माध्यम से आवश्यक रोपण सामग्री उपलब्ध कराई गई। ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए भी एमआईडीएच योजना के अंतर्गत आवेदन किया गया है, जिसका कार्यादेश जारी हो चुका है।

किसानों के लिए बने प्रेरणा-
हरीश पाटीदार का कहना है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों और कृषि नवाचार को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। बाजार की मांग के अनुसार फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीक को अपनाने से खेती को अधिक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।

पाटीदार ने किसान हितैषी योजनाओं एवं सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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