मुरैना। जिले में चार वर्ष बाद गौवंश में लम्पी रोग के मामले सामने आने के बाद आवारा, लावारिश और पालतू गौवंश को संक्रमण से बचाने के लिए गौ-सेवकों और पशु चिकित्सा विभाग ने संयुक्त रूप से वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है। पिछले आठ दिनों से चल रहे अभियान के तहत अब तक 35 हजार से अधिक गौवंश का वैक्सीनेशन किया जा चुका है।
चम्बल गौरक्षा सेवा समिति के गौ-सेवक रात के समय शहर की सड़कों, पार्कों और खुले स्थानों पर मौजूद आवारा व लावारिश गौवंश को चिन्हित कर उनका वैक्सीनेशन कर रहे हैं। रात 9 बजे से 12 बजे तक चलने वाले अभियान में प्रतिदिन करीब 200 से 250 गौवंश के वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा गया है। वैक्सीनेशन किए गए गौवंश को गौ-सेवक लाल रंग और पशु चिकित्सा विभाग नीले रंग से चिन्हित कर रहा है।
अभियान के दौरान लम्पी रोग से पीड़ित गौवंश को वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। ऐसे पशुओं को सीधे आयुर्वेदिक दवा दी जा रही है। बड़े पशुओं को खाद्य सामग्री के साथ दवा खिलाई जा रही है, जबकि छोटे पशुओं को सीधे मुंह में दवा दी जा रही है।
मुरैना जिले में करीब 1 लाख 25 हजार से अधिक गौवंश होने का अनुमान है। इनमें करीब 50 हजार आवारा, लावारिश और पालतू गौवंश के वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा गया है। पशु चिकित्सा विभाग अपने कर्मचारियों के साथ अभियान को गति देने में जुटा है। गौ-सेवकों के प्रयास में आम नागरिक भी सहयोग कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य लम्पी रोग के संक्रमण को रोकते हुए अधिक से अधिक गौवंश को सुरक्षित करना है।