चित्तौड़गढ़। आश्विन कृष्ण पक्ष की सर्व पितृ अमावस्या के पावन अवसर पर ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित भीमलत कुण्ड पर 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को भव्य सामूहिक पितृ तर्पण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजन चित्तौड़ गौरव तीर्थ प्रन्यास एवं ॐ तत्सत् पारमार्थिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में होगा।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गांधी नगर स्थित चित्तौड़ गौरव तीर्थ प्रन्यास कार्यालय में दोनों संस्थाओं के कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक में आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं, दायित्वों एवं तैयारियों को लेकर चर्चा की गई और जिम्मेदारियां निर्धारित की गईं।
संत-महात्माओं का मिलेगा सान्निध्य-
संस्था के प्रवक्ता ने बताया कि इस पुण्य अवसर पर जिले के अनेक संत-महात्माओं का सान्निध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा। आयोजन में संत निरंजन नाथ जी, दिग्विजय राम जी (रामद्वारा, चित्तौड़गढ़), चन्द्रभारती महाराज (हजारेश्वर), पूज्य शिवरामदास जी (नन्दिनी आश्रम, खेरी), नीलकंठ महादेव के यति जी महाराज, पूज्य संत विनोद यति जी महाराज (यति जी उपासरा) तथा महंत श्री जगन्नाथ भारती जी (नीलकंठ महादेव मंदिर, दुर्ग, चित्तौड़गढ़) सहित अनेक संतों के उपस्थित रहने की संभावना है।
मेवाड़ के अमर बलिदानियों को भी अर्पित होगी जलांजलि-
सामूहिक तर्पण कार्यक्रम का विशेष आकर्षण यह रहेगा कि श्रद्धालु अपने दिवंगत पूर्वजों के साथ-साथ मेवाड़ की वीरभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर वीरों, वीरांगनाओं, शूरवीरों एवं बलिदानियों के निमित्त भी जलांजलि अर्पित करेंगे।
चित्तौड़गढ़ दुर्ग शौर्य, त्याग और बलिदान की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक रहा है। ऐसे में सामूहिक तर्पण के माध्यम से वीर बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता एवं श्रद्धा व्यक्त करने का यह विशेष अवसर होगा।
कार्यक्रम में शहर की विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से भी सहभागिता के लिए संपर्क किया गया है। इनमें अभिभाषक संघ, विश्व हिंदू परिषद के मुकेश नाहटा एवं विश्वनाथ टांक, वरिष्ठ नागरिक मंच तथा प्रभातफेरी मंडल के राधेश्याम आमेरिया सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता एवं संस्थाएं शामिल हैं।
शास्त्रोक्त विधि से कराया जाएगा तर्पण-
सामूहिक तर्पण अनुष्ठान सुबह 11:15 बजे से दोपहर 2 बजे तक भीमलत कुण्ड पर आयोजित होगा। वैदिक विद्वानों के सान्निध्य में शास्त्रोक्त विधि से तर्पण अनुष्ठान कराया जाएगा। तर्पण के लिए आवश्यक कुशा, तिल, पात्र एवं अन्य पूजन सामग्री आयोजन स्थल पर ही उपलब्ध कराई जाएगी। अनुष्ठान के पश्चात दोपहर 2:15 बजे से महा-स्नेहभोज का आयोजन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए दिशा-निर्देश-
आयोजन को सुव्यवस्थित एवं गरिमामय बनाने के लिए श्रद्धालुओं से पूर्व पंजीकरण कराने का आह्वान किया गया है। पंजीकरण शुल्क 100 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है, जिसे तर्पण स्थल पर जमा कराया जा सकेगा।
पुरुष श्रद्धालुओं के लिए धोती पहनना अनिवार्य रहेगा, जबकि महिलाओं से पारंपरिक भारतीय परिधान में आने का आग्रह किया गया है। श्रद्धालुओं से अपने साथ स्नान के वस्त्र लाने की भी अपील की गई है।
तर्पण अनुष्ठान निर्धारित समय सुबह 11:15 बजे प्रारंभ होगा। ऐसे में श्रद्धालुओं से समय से पूर्व भीमलत कुण्ड पहुंचने का आग्रह किया गया है।
परिवार सहित सहभागिता का आह्वान-
चित्तौड़ गौरव तीर्थ प्रन्यास एवं ॐ तत्सत् पारमार्थिक संस्था के पदाधिकारियों ने चित्तौड़गढ़ शहर, दुर्ग क्षेत्र तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के धर्मानुरागी नागरिकों से परिवार सहित कार्यक्रम में सहभागिता करने का आह्वान किया है।
पदाधिकारियों ने कहा कि यह आयोजन अपने पितरों के स्मरण एवं उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ मेवाड़ की अमर बलिदानी परंपरा को नमन करने और वीर पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर भी है।