भोपाल। मध्य प्रदेश में बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़क पर फूट पड़ा है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे संविदा बिजली कर्मचारियों ने अब आंदोलन की राह पकड़ ली है। इसी कड़ी में राजधानी भोपाल में कर्मचारियों ने अलग-अलग मंत्रियों के बंगलों के बाहर पहुंचकर सांकेतिक प्रदर्शन किया, साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए हैं।
कर्मचारियों की मांग और आरोप
संविदा बिजली कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार और विभाग उनकी सुध नहीं ले रहा है और उन्हें नियमित करने को लेकर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि गत 24 जुलाई को बिजली विभाग की ओर से एक परिपत्र (सर्कुलर) जारी किया गया था, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी नियमितीकरण की प्रक्रिया धरातल पर शुरू नहीं की गई है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे विभागीय परीक्षा देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, इसके बावजूद उनके नियमितीकरण की प्रक्रिया को लटकाया जा रहा है। उनका साफ आरोप है कि सरकार इन कर्मचारियों को नियमित करना ही नहीं चाहती है।
दीपावली से पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
सरकार और विभाग के रवैये से नाराज बिजली संविदा कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। यूनाइटेड फोरम के प्रांतीय अध्यक्ष आर.एस. कुशवाहा के अनुसार, यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेशभर के बिजली संविदा कर्मचारी आने वाली दीपावली के ठीक पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस बड़े आंदोलन के चलते आगामी दिनों में बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।