नीमच। ग्राम बरूखेड़ा, तहसील नीमच निवासी दशरथ नायक ने दिव्यांगता को अपनी मजबूरी नहीं बनने दिया। शासकीय योजनाओं और जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के सहयोग से उन्होंने आत्मनिर्भरता की राह अपनाई। आज वे सब्जी विक्रय और दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से प्रतिमाह करीब 21 हजार रुपए की आय अर्जित कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
वर्ष 2014 में रीढ़ की हड्डी में नस दबने के कारण उनके दोनों पैरों में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई, जिससे वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इस दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, नीमच की टीम ने सर्वे के दौरान दशरथ नायक से संपर्क किया और उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। टीम के सहयोग से जिला मेडिकल बोर्ड के माध्यम से उनका दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनवाया गया। इसके साथ ही उन्हें पेंशन योजना का लाभ भी दिलाया गया।
वर्ष 2021 में रोजगार के लिए आवेदन करने के बाद चिन्हांकन शिविर के माध्यम से उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया तथा मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई। इसके बाद उन्होंने सब्जी विक्रय का व्यवसाय शुरू किया। मेहनत और लगन से बचत कर उन्होंने एक भैंस खरीदी और इसके बाद दुग्ध विक्रय का कार्य भी प्रारंभ किया।
आज दशरथ नायक प्रतिदिन करीब 700 रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं। इस प्रकार उनकी मासिक आय लगभग 21 हजार रुपए तक पहुंच गई है। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे अपने परिवार का सहारा बनकर आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं।
दशरथ नायक ने आत्मनिर्भर बनने में मिले शासकीय सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के सहयोग से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला, जिससे वे अपने परिवार के लिए आत्मनिर्भर बन सके।