नीमच। महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और समाज में नशामुक्त वातावरण के निर्माण के उद्देश्य से 2 से 8 अक्टूबर तक आयोजित मद्य निषेध सप्ताह का समापन हुआ। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।
मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार आयोजित अभियान के तहत नीमच पुलिस ने जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। अभियान के प्रथम दिन 2 अक्टूबर को पुलिस कंट्रोल रूम से नशामुक्ति जनजागरूकता रैली निकाली गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली फव्वारा चौक, बारादरी, घंटाघर, जाजू बिल्डिंग एवं पुस्तक बाजार होते हुए भारत माता चौराहे पर पहुंचकर समाप्त हुई।
रैली के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान भी आयोजित किया गया।
मद्य निषेध सप्ताह के दौरान विभिन्न विद्यालयों में नशे के दुष्परिणामों पर आधारित भाषण, चित्रकला एवं दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों को नशे के कारण होने वाले स्वास्थ्य, पारिवारिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई।
प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित-
समापन समारोह पुलिस कंट्रोल रूम, नीमच में आयोजित किया गया। इस दौरान एसपी राजेश व्यास ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
चित्रकला प्रतियोगितारू साक्षी बैरागी प्रथम, प्रिया सुहानिया द्वितीय एवं मनीषा प्रजापति तृतीय रहीं।
भाषण प्रतियोगितारू दिव्यम नागदा प्रथम, दिशा धनगर द्वितीय एवं शिवानी नागदा तृतीय रहीं।
दौड़ प्रतियोगितारू राकेश चारण प्रथम, हरीश गायरी द्वितीय एवं जीवन तृतीय रहे।
इस अवसर पर एसपी राजेश व्यास ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्ति या परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। युवा और विद्यार्थी देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने मित्रों, परिवारजनों एवं आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों की सकारात्मक सोच और सक्रिय भागीदारी से नशे के खिलाफ प्रभावी वातावरण तैयार किया जा सकता है।
समापन अवसर पर एसपी राजेश व्यास ने उपस्थित विद्यार्थियों, स्कूल स्टाफ एवं पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण एवं प्रतियोगिताओं में शामिल विद्यार्थी उपस्थित रहे।