मोरवन। क्षेत्र सहित जिलेभर में लोड सेटिंग के नाम पर की जा रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। खासकर रात के समय बार-बार बिजली बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, रात में अंधेरा रहने के कारण चोरी की वारदातें बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।
कांग्रेस नेता मनोहर जाट ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरा क्षेत्र कृषि प्रधान है और वर्तमान में खेती-किसानी का काम जोरों पर चल रहा है। दिनभर खेतों में मेहनत करने के बाद जब किसान घर लौटते हैं, तो उन्हें बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में दो से तीन घंटे तक बिजली बंद रहती है, वहीं दिन में भी बार-बार कटौती की जा रही है। इससे किसानों और आम नागरिकों को काफी परेशानी हो रही है।
जाट ने कहा कि यदि किसी किसान का बिजली बिल बकाया रह जाता है, तो उसकी बिजली काट दी जाती है, लेकिन खेतों पर विद्युत फॉल्ट या डीपी में खराबी आने पर किसानों को कई दिनों तक विद्युत कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समस्याओं के समाधान में देरी की जाती है और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा बहानेबाजी की जाती है।
कांग्रेस नेता ने विद्युत विभाग के जिला अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए लोड सेटिंग के नाम पर की जा रही अघोषित बिजली कटौती बंद करने और किसानों की विद्युत संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए समय पर बिजली मिलना जरूरी है, ताकि खेती का काम प्रभावित न हो।
जिला स्तर पर आंदोलन की चेतावनी
मनोहर जाट ने चेतावनी दी कि यदि विद्युत विभाग ने जल्द ही बिजली कटौती और अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी जिलेभर के विद्युत कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं होने पर कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।