खरगोन। जिले की धूलकोट ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले दगड़खेड़ी गांव में भूमि अभिलेखों में दर्ज त्रुटियों से किसान परेशान हैं। वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए 30 सितंबर को धूलकोट में आयोजित ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। शुक्रवार को इस प्रस्ताव की प्रति एसडीएम सत्येंद्र बैरवा को सौंपकर भूमि अभिलेखों में विसंगतियों को दूर करने की मांग की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि वे जिस जमीन पर वर्षों से खेती और निवास कर रहे हैं, उसकी पावतियां भी उनके पास मौजूद हैं, लेकिन वर्तमान भू-अभिलेखों में उस भूमि का रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। किसानों के खेतों का कुछ हिस्सा शासकीय भूमि के रूप में दर्शाया गया है, जबकि आधे से अधिक किसानों की जमीन राजस्व या वन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने की बात सामने आई है।
ग्राम सभा के प्रस्ताव पर कार्रवाई की मांग
ग्राम सभा में भूमि अभिलेखों की विसंगतियों पर चर्चा के बाद प्रस्ताव पारित किया गया। अनुविभागीय अधिकारी को सौंपे गए प्रस्ताव में पेसा कानून और उसके नियमों के तहत ग्राम सभा की सिफारिशों पर कार्रवाई कर भू-अभिलेखों में दर्ज त्रुटियों का समाधान करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए भूमि रिकॉर्ड की जांच करेगा और वर्षों से चली आ रही समस्या का निराकरण करेगा। अब किसानों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।